सीमा पार आतंकवाद को विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठा रहा है भारत: जम्मू-कश्मीर आतंकी हमलों पर विदेश मंत्रालय
विदेश मंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर में आतंकियों द्वारा आम नागरिकों की इरादतन हत्या की कड़ी निंदा की है और सीमा पार आतंकवाद के बारे में चिंता व्यक्त की है।
नई दिल्ली, 7 अक्टूबर। विदेश मंत्रालय ने जम्मू-कश्मीर में आतंकियों द्वारा आम नागरिकों की इरादतन हत्या की कड़ी निंदा की है और सीमा पार आतंकवाद के बारे में चिंता व्यक्त की है। गुरुवार को एक प्रेस वार्ता में, विदेश मंत्रालय ने कहा, 'कश्मीर में जो हो रहा है वह बहुत ही निंदनीय है। मंत्रालय ने कहा कि बेगुनाहों को जानबूझकर निशाना बनाया गया। हम सीमा पार आतंकवाद से चिंतित हैं। हम सभी भागीदारों से साथ इस मुद्दे को उठाएंगे और अंतरराष्ट्रीय पटल तक इस मुद्दे को लेकर जाएंगे।'

बता दें कि पिछले 5 दिनों में कश्मीर में 7 बेगुनाहों की हत्या की जा चुकी है। इससे पहले आतंकियों ने 5 अक्टूबर को 3 नागरिकों को मौत के घाट उतार दिया था। वहीं गुरुवार को सफाकदल इलाके में एक सरकारी स्कूल के अंदर घुसकर आतंकियों ने दो अध्यापकों को गोलियों से भून दिया। शिक्षकों की मौके पर ही मौत हो गई। इसके अलावा आतंकियों ने गुरुवार को श्रीनगर की मदीना चौक पर एक फेरीवाले को भी मौत की नींद सुला दिया। मृतक की पहचान वीरेंद्र पासवान के तौर पर हुई है जो बिहार के भागलपुर का रहने वाला था और वर्तमान में आलमगरी बाजार जदीबल में रह रहा था।
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एक अन्य व्यक्ति जिसे उत्तर कश्मीर के बांदीपोरा जिले में आतंकियों ने गोलियों से भून दिया था, की पहचान मोहम्मद सैफी लोन के तौर पर हुई है। ऐसा माना जा रहा है कि केंद्र सरकार की कश्मीरी पंडितों को घाटी में दोबारा बसाने की पहल आतंकियों को रास नहीं आ रही है। उनकी चिंता है कि यदि यह अभियान सफल रहा तो घाटी में फिर से पंडितों का बोलबाला हो जाएगा। इसी के चलते पाकिस्तान में बैठे आतंकी घाटी में फिर से अशांति फैलाने की कोशिश कर रहे हैं।












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