कश्मीर के युवाओं से राज्यपाल सत्यपाल मलिक की अपील, हथियार छोड़ें और राजभवन आकर मेरे साथ लंच करें
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सत्ता में दोबारा वापसी और बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह का गृहमंत्री बनने के बाद जम्मू-कश्मीर की चर्चा सबसे ज्यादा है। खासकर अनुच्छेद 370 और 35ए को लेकर एक बार फिर बहस शुरू हो गई है। इस बहस में जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक भी कूद गए हैं। सत्यपाल मलिक ने बुधवार को कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेत 370 और 35ए को रद्द कर दिया जाएगा, ये सब अफवाहें हैं।

अनुच्छे 370 और 35ए एक संवैधानिक मामला है
सत्यपाल मलिक ने कहा कि परिसीमन एक दिन में नहीं किया जा सकता है। यह एक संवैधानिक मामला है, यह एक दिन में नहीं हो सकता है इसलिए ऐसी अफवाहों पर ध्यान नहीं दें। राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा कि आर्टिकल 370 और 35ए के संबंध में कई पार्टियों ने अपने घोषणा पत्र में लिखा है। इसकी चर्चा भी हो रही है। काफी बातें भी हो रही हैं। लेकिन इसको लेकर जम्मू-कश्मीर के लोगों चिंता करने की कोई जरूरत नहीं है।

आतंकवादियों से हथियार छोड़ने की अपील
जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने राज्य में आतकवादियों से हथियार छोड़ने का अनुरोध करते हुए उन्हें बातचीत के लिए आमंत्रित किया है। राज्यपाल ने युवाओं से हथियार छोड़ने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि मैं कश्मीर के युवाओं को बताना चाहूंगा कि हथियार छोड़ दो और मेरे साथ भोजन करने राजभवन आओ। फिर बताओं की जिस रास्ते को तुमने चुनाव है उससे कश्मीर को क्या मिलेगा।

बातचीत से ही निकल सकता है कोई हल
सत्यपाल मलिक ने कहा कि बातचीत ही एक रास्ता है जिसके जरिए संविधान के दायरे के भीतर जो चाहते हैं वो उन्हें मिल सकता है। मलिक ने कहा कि भारत को हिंसा के जरिए नहीं झुकाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आतंकियों को अभी भले इसका अहसास नहीं हो लेकिन 10 साल बाद उन्हें इसका पछतावा होगा कि उन्होंने जो रास्ता चुना था वो गलत था। मलिक ने कहा कि कश्मीर में आतंकवाद की समस्या युवाओं में बेरोजगारी के कारण ही नहीं है बल्कि कुछ दशकों से नेता भी लोगों को गुमराह कर रहे हैं।
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