'तबलीगी जमात के कार्यक्रम को लेकर फैलाई जा रही है नफरत', जमीयत उलेमा-ए-हिंद पहुंचा सुप्रीम कोर्ट
नई दिल्ली। दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज में तबलीगी जमात के कार्यक्रम में शामिल लोगों में कोरोना वायरस के लक्षण पाए जाने के बाद से हड़कंप मचा हुआ है। इस मामले के सामने आने के बाद से ही तबलीगी जमात के लोग निशाने पर हैं। वहीं, तबलीगी जमात मामले में जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है और मीडिया के एक वर्ग पर तबलीगी जमात के कार्यक्रम को लेकर नफरत फैलाने का आरोप लगाया है।
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जमीयत उलेमा-ए-हिंद ने सुप्रीम कोर्ट से केंद्र को दुष्प्रचार रोकने और इसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने का निर्देश देने की मांग की है। जमीयत उलेमा-ए-हिंद और उसके कानूनी प्रकोष्ठ के सचिव की तरफ से दायर याचिका में कहा गया है कि तबलीगी जमात के कार्यक्रम का इस्तेमाल पूरे मुस्लिम समुदाय को दोष देने में किया जा रहा है।
बता दें कि दिल्ली में मार्च के महीने में निजामुद्दीन मरकज में हुए कार्यक्रम में तबलीगी जमात से जुड़े लोग हजारों की संख्या में जमा हुए थे। इस कार्यक्रम में सैकड़ों विदेशी भी शामिल हुए थे। इनके कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने के बाद राजधानी दिल्ली सहित देश के अन्य राज्यों में कोरोना वायरस के मामलों में तेजी आई है। तमिलनाडु, यूपी, दिल्ली, तेलंगाना और महाराष्ट्र से आए जमाती बड़ी संख्या में संक्रमित पाए गए हैं।
देश के अलग-अलग हिस्सों से जमातियों को पकड़-पकड़कर उनको क्वारंटाइन किया गया है और अभी भी कइयों की तलाश जारी है। तबलीगी जमात के मौलाना मोहम्मद साद को क्राइम ब्रांच ने नोटिस भेजा है जबकि ये मामला सामने आने के बाद से ही मौलाना का कोई पता नहीं है। सोमवार को स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से बताया गया कि कोरोना वायरस के भारत में 4281 मामले सामने आए हैं, जिनमें 1500 से अधिक केस तबलीगी जमात से जुड़े हैं।












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