IAF Drone Emergency Landing: जैसलमेर में भारतीय वायुसेना के ड्रोन की इमरजेंसी लैंडिंग, कैसे टला बड़ा हादसा?
IAF Drone Emergency Landing: भारतीय वायुसेना (IAF) का एक रिमोटली पायलटेड एयरक्राफ्ट (RPA) गुरुवार, 20 नवंबर को उस समय मजबूरन उतारना पड़ा, जब वह नियमित प्रशिक्षण मिशन पर था और अचानक इंजन में तकनीकी खराबी आ गई।
यह घटना राजस्थान के जैसलमेर के पास हुई, जहां वायुसेना ने सुरक्षित आपात लैंडिंग कराकर एक संभावित बड़े हादसे को टाल दिया। वायुसेना की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक, इस हादसे में किसी भी तरह के नुक्सान की खबर नहीं है।

कैसे हुई घटना?
IAF के अनुसार, ड्रोन नियमित ट्रेनिंग sortie पर था, तभी उसके इंजन में खराबी आने लगी। तकनीकी दिक्कत को देखते हुए कंट्रोल टीम ने तुरंत सुरक्षित स्थान पर फोर्स लैंडिंग का निर्देश दिया। RPA को एक खाली खेत में उतारा गया, जिससे किसी भी नागरिक या आसपास की संपत्ति को कोई नुकसान नहीं हुआ।
ग्राउंड पर कोई नुकसान नहीं
भारतीय वायुसेना ने ज़ोर देकर कहा कि लैंडिंग बेहद नियंत्रित तरीके से की गई, जिसके चलते ज़मीन पर किसी भी प्रकार की क्षति नहीं हुई है। आसपास के क्षेत्र में कोई जनहानि या संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचा वायुसेना ने बताया कि RPA को सुरक्षित रूप से रिकवर कर लिया गया है और उसे बेस पर वापस ले जाया गया है।
IAF की तकनीकी टीम ने इंजन खराबी के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, यह एक मैकेनिकल malfunction था, लेकिन विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही असली वजह सामने आएगी।
IAF की तत्परता ने टाला बड़ा हादसा
इस घटना से एक बार फिर साबित होता है कि भारतीय वायुसेना की ट्रेनिंग और ऑपरेशनल प्रोटोकॉल कितने मजबूत हैं। समय रहते तुरंत निर्णय लेकर पायलटिंग टीम ने न सिर्फ RPA को बचाया, बल्कि किसी भी संभावित दुर्घटना को होने से रोक दिया। भारतीय वायुसेना ने आधिकारिक बयान में कहा कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और भविष्य में ऐसी तकनीकी दिक्कतों को रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।












Click it and Unblock the Notifications