'पूरा केस मैं जानता हूं', चीफ जस्टिस पर जूता फेंके जाने पर क्या बोले जगतगुरु रामभद्राचार्य?
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के भीतर एक वकील द्वारा चीफ जस्टिस पर जूता फेंकने की कोशिश किए जाने की अभूतपूर्व घटना पर जगतगुरु रामभद्राचार्य ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। यह घटना चीफ जस्टिस पर भगवान विष्णु को लेकर गलत टिप्पणी करने के आरोप के बाद हुई थी। इस पूरे मामले पर सवाल पूछे जाने पर जगतगुरु रामभद्राचार्य ने साफ कहा कि वह इस पूरे केस को अच्छी तरह से जानते हैं।
जगतगुरु रामभद्राचार्य ने चीफ जस्टिस के बर्ताव पर कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा, 'चीफ जस्टिस ने अपनी मर्यादाओं से हटकर ऐसा किया। आज तक बहुत चीफ जस्टिस हमने देखे हैं, लेकिन इतना किसी ने नहीं किया।' उन्होंने वकील के कृत्य को गलत बताते हुए कहा, 'हालांकि जूता फेंकना गलत है, लेकिन उनकी बात भी बहुत गलत है।'

CJI ने कहा 'भूला हुआ अध्याय', PM मोदी ने भी की निंदा
इस अप्रत्याशित घटना के दो दिन बाद, चीफ जस्टिस बीआर गवई ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए इसे 'भूला हुआ अध्याय' बताया। ओपन कोर्ट में उन्होंने कहा, 'मेरे साथी जज और मैं सोमवार को जो हुआ, उससे बहुत स्तब्ध थे। हमारे लिए यह एक भूला हुआ अध्याय है।'
वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उसी शाम चीफ जस्टिस से बात की और इस कृत्य को 'पूरी तरह निंदनीय' बताया। प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करके कहा, 'सुप्रीम कोर्ट परिसर में हुए हमले ने हर भारतीय को नाराज कर दिया है। हमारे समाज में ऐसे निंदनीय कृत्यों के लिए कोई जगह नहीं है।' बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने भी तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी वकील राकेश किशोर का लाइसेंस निलंबित कर दिया।
क्या थी विवाद की जड़?
यह हमला चीफ जस्टिस द्वारा पिछले महीने खजुराहो मंदिर परिसर में भगवान विष्णु की कटी हुई मूर्ति की बहाली पर एक सुनवाई के दौरान की गई टिप्पणी को लेकर हुआ था। जब याचिकाकर्ता ने मूर्ति को फिर से स्थापित करने के लिए सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप की मांग की, तो चीफ जस्टिस ने कथित तौर पर टिप्पणी की थी, 'जाओ और खुद देवता से कुछ करने के लिए कहो। अगर आप कह रहे हैं कि आप भगवान विष्णु के प्रबल भक्त हैं, तो आप प्रार्थना करें और कुछ ध्यान करें।'
इस टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर उन पर धार्मिक आस्था का अनादर करने का आरोप लगा था, जिसके बाद चीफ जस्टिस ने बाद में स्पष्ट किया था कि वह सभी धर्मों का सम्मान करते हैं।












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