राष्ट्रीय संग्रहालय में आया कोहिनूर से दोगुने आकार का यह जैकब हीरा
नई दिल्ली। लगभग 11 साल के बाद सोमवार को दिल्ली के राष्ट्रीय संग्रहालय में निजाम संग्रहालय के गहनों की एक प्रदर्शनी का उद्घाटन किया गया। संग्रहालय में 137 कीमती वस्तुओं को शामिल किया गया है जिसमें प्रसिद्ध जैकब हीरा भी शामिल है। देखने में यह हीरा कोहिनूर हीरे के आकार से लगभग दोगुना है। जो कि 18वीं शताब्दी से से 20वीं शताब्दी तक के समय को कवर करता है।

28 शोकेस में फैले इस प्रदर्शनी में डूड्स, सार्पेक्स, नेकलेस, बेल्ट और बकल, ब्रेसलेट्स और बैंगल्स, इयररिंग्स, आर्मलेट्स, टो रिंग्स, फिंगर रिंग्स, पॉकेट वॉच, बटन जैसी कई कीमती वस्तुएं शामिल हैं। इसके अलावा इस प्रदर्शनी में उन गोलकोंडा और कोलम्बियाई की खानों के हीरे के साथ-साथ बसरा और मन्नार की खाड़ी से बर्मीज माणिक और स्पिनर और मोती को भी शामिल किया गया है।

हीरे के सेट की एक जोड़ी मुगल एटेलियर को भी दर्शाती है
संग्रह में सबसे पहला आइटम संभवत: हैदराबाद के खजाने में शामिल हुआ था क्योंकि ये वो दौर था जब मुगल बादशाह औरंगजेब की ओर से डेक्कन की घोषणा की थी। जबकि हीरे जड़े हुए डबल स्ट्रैंड चैन 17 वीं शताब्दी के अंत या 18 वीं शताब्दी की शुरुआत में सेट किए गए हैं, जिन्हे आदिल शाही गहना भी कहा जाता है। फूलों जैसे आकार में डिजाइन इस गहने को बहुत बारिकी से तैयार किया गया है। क्योंकि हीरे के सेट की एक जोड़ी मुगल एटेलियर को भी दर्शाती है। जबकि दो पन्ने के दो सेट मेहराबो के बारे में कहा जाता है कि ये मैसूर के शासक टीपू सुल्तान के हैं।

आभूषण और गहनों का सबसे बड़ा संग्रह है निजाम जेवेल्स
निजाम जेवेल्स के बारे में आपको बता दें कि इसे आभूषण और गहनों का सबसे बड़ा संग्रह हैं जो जो 1995 में भारत सरकार द्वारा 218 करोड़ रुपये की लागत से खरीदा गया था। 1951-52 में अंतिम निजाम मीर उस्मान अली खान की ओर से गठित HEH निजाम ज्वेलरी ट्रस्ट और HEH निजाम सप्लीमेंट ज्वेलरी ट्रस्ट की सुरक्षा में यह संग्रह बना हुआ था। यह प्रदर्शनी जनता के लिए 19 फरवरी खुलेगा और 5 मई तक चलेगा। प्रदर्शनी के खुलने का समय है सुबह 10 बजे तक शाम 6 बजे तक है। सोमवार और राष्ट्रीय अवकाश प्रदर्शन जनता के लिए खुली रहेगी। इस प्रदर्शन की देखने के लिए 50 रुपए का प्रवेश टिकट लगेगा।












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