J&K:भारत जोड़ो यात्रा से पहले कांग्रेस की लगी लॉटरी, आजाद के वफादारों की घर वापसी
जम्मू-कश्मीर में कांग्रेस छोड़कर गुलाम नबी आजाद की पार्टी में शामिल होने वाले कई दिग्गज नेता आज वापस कांग्रेस में शामिल हो गए हैं। राज्य में भारत जोड़ो यात्रा से पहले पार्टी के लिए यह बहुत बड़ी सफलता है।

कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा का समापन जम्मू-कश्मीर से होना है। इससे पहले की यात्रा प्रदेश में दाखिल हो कांग्रेस को आज वहां से नई ऊर्जा मिली है। कई दिग्गज नेता जो पूर्व केंद्रीय मंत्री गुलाम नबी आजाद के साथ पार्टी छोड़कर चले गए थे, उन्होंने फिर से कांग्रेस का हाथ पकड़ लिया है। कांग्रेस के कर्ताधर्ताओं को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में कुछ और बड़े नेताओं की राज्य में घर-वापसी होगी। कुछ दिन पहले आजाद को लेकर भी ऐसी ही खबरें थीं, लेकिन उन्होंने कांग्रेस में वापसी की संभावनाओं को खारिज कर दिया है।

कश्मीर में भारत जोड़ो यात्रा से पहले कांग्रेस को बड़ा फायदा
राहुल गांधी की अगुवाई में कांग्रेस की भारत जोड़ो यात्रा की जम्मू-कश्मीर में दाखिल होने से पहले ही पार्टी को बड़ा राजनीतिक फायदा मिला है। जम्मू-कश्मीर के पूर्व उपमुख्यमंत्री तारा चंद समेत पार्टी के कई पूर्व वरिष्ठ नेताओं ने घर-वापसी कर ली है। ये कांग्रेसी नेता गुलाम नबी आजाद के साथ उनकी पार्टी में चले गए थे। तारा चंद के अलावा जो प्रभावी नेता गुलाम की वफादारी छोड़कर कांग्रेस में शामिल हुए हैं, उनमें पूर्व मंत्री पीरजादा मोहम्मद सईद और बलवान सिंह भी शामिल हैं। हालांकि, डॉक्टर मनोहर लाल शर्मा के बारे में अभी कुछ भी नहीं कहा गया है, जिन्हें आजाद ने अपनी पार्टी से निकाल दिया है। सूत्रों के मुताबिक वह गुलाम का साथ छोड़कर कांग्रेस में जाने के बचाए आजाद ही रहना पसंद करेंगे।

आजाद का साथ छोड़ कांग्रेस में वापस लौटे कई दिग्गज नेता
जम्मू-कश्मीर के इन तीनों बड़े नेताओं को गुलाम नबी आजाद का वफादार माना जाता था। ये तीनों नेता आजाद की डेमोक्रेटिक आजाद पार्टी में शामिल होने के लिए कांग्रेस से निकल गए थे। लेकिन, पिछले महीने आजाद ने चंद, लाल और बलवान सिंह को पार्टी-विरोधी गतिविधियों में शामिल होने के आरोपों में पार्टी से निष्कासित कर दिया था। पिछले साल अगस्त में आजाद के साथ जाने के लिए कांग्रेस से इस्तीफा देने वाले नेताओं में ये तीनों पहले थे, जिन्होंने उनके लिए कांग्रेस से पांच दशक पुराना नाता तोड़ लिया था। ये तीनों नेता दिल्ली में कांग्रेस के महासचिव और संगठन प्रभारी केसी वेणुगोपाल, महासचिव जयराम रमेश और प्रदेश प्रभारी रजनी पाटिल की मौजूदगी में फिर से कांग्रेस में लौट आए हैं।

छुट्टी खत्म हो गई और ये वापस लौट आए-वेणुगोपाल
इन सभी नेताओं का कांग्रेस में स्वागत करते हुए वेणुगोपाल ने कहा कि यात्रा शुरू होने से पहले, 'जम्मू और कश्मीर कांग्रेस के हमारे दिग्गजों, जो कुछ गलतफहमी की वजह से हमें छोड़ गए थे, घर वापस लौट आए है।' उन्होंने कहा है कि ऐसा लगता है कि इन्होंने पार्टी से दो महीने की छुट्टी ली थी। 'छुट्टी खत्म हो गई और ये वापस लौट आए। ' इन तीनों नेताओं के अलावा जम्मू-कश्मीर के जिन नेताओं ने कांग्रेस में वापसी की है, वे हैं- पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और तीन बार के मंत्री पीरजादा मोहम्मद सईद, मोहम्मद मुजफ्फर परे, मोहिंदर भारद्वाज, भूषण डोगरा, विनोद शर्मा, नरिंदर शर्मा, नरेश शर्मा, अंबरीश मगोत्रा, सुभाष भगत, संतोष मनहास, बद्री नाथ शर्मा, वरुण मगोत्रा, अनुराधा शर्मा, विजय तारगोत्रा और चंद्र प्रभा शर्मा।

'यह तो केवल शुरुआत है'
इस मौके पर जयराम रमेश ने कहा कि जल्द ही दो और नेता दोबारा पार्टी में शामिल होंगे। उन्होंने कहा, 'ये पहली किश्त है....जल्द और भी ज्वाइन करेंगे।' इस मौके पर वेणुगोपाल ने दावा किया कि जम्मू-कश्मीर की सभी 'समान-विचारधारा वाली राजनीतिक पार्टियों' के लोग भी यात्रा में शामिल हो रहे हैं, जो कि 'देश का बड़ा अभियान बन चुकी है।' वेणुगोपाल का ये भी दावा था कि 'यह तो केवल शुरुआत है। जब यात्रा जम्मू और कश्मीर में प्रवेश करेगी...वे सभी लोग जो कांग्रेस की विचारधारा में विश्वास करते हैं और एकजुट भारत चाहते हैं, यात्रा में शामिल होंगे।'
दोस्ती के चक्कर में आजाद के साथ चले गए- तारा चंद
इस बीच गुलाम नबी आजाद के कांग्रेस में वापस होने के बारे में पूछे जाने पर वेणुगोपाल ने कहा, 'उन्होंने खुद ही इसका खंडन किया है। हमने कहा है कि जो भारत जोड़ो यात्रा की विचारधारा में विश्वास करते हैं वह यात्रा में शामिल हो सकते हैं। सभी का स्वागत है। ' जब तारा चंद से आजाद के नेतृत्व के बारे में पूछा गया तो वे बोले कि उनसे उनकी 40 साल से ज्यादा पुरानी दोस्ती है। वह कांग्रेस के वरिष्ठ नेता थे, अनुभवी राजनेता थे। हालांकि, उन्होंने कहा कि आजाद किन परिस्थितियों में कांग्रेस से अलग हुए इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। लेकिन, वह भावना में बहकर और दोस्ती के चलते कांग्रेस छोड़ गए थे।












Click it and Unblock the Notifications