ITR e-filing portal: अब टैक्स ऑर्डर की गलतियां ऑनलाइन सुधारें, जानें रेक्टिफिकेशन फाइल करने का आसान तरीका
ITR e-Filing Portal: देश में इस समय टैक्स सीजन चल रहा है और लाखों टैक्सपेयर्स इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल कर रहे हैं। बीते कुछ सालों में ITR ई-फाइलिंग की प्रक्रिया काफी सरल हुई है, लेकिन पहली बार रिटर्न दाखिल करने वालों या जल्दबाजी में फाइल करने वाले लोगों से अक्सर छोटी-मोटी गलतियां हो जाती हैं।
राहत की बात यह है कि आयकर विभाग टैक्सपेयर्स को अपनी गलती सुधारने का मौका देता है। अगर आपने ITR फाइल करते समय कोई चूक कर दी है, तो आप रिवाइज्ड ITR दाखिल करके उसे ठीक कर सकते हैं।

आइए जानते हैं कि रिवाइज्ड ITR क्या है, किन गलतियों के लिए इसे फाइल किया जा सकता है और इसकी पूरी प्रक्रिया क्या है।
ITR फाइल करने की आखिरी तारीख क्या है?
आयकर विभाग के नियमों के अनुसार, लेट रिटर्न (Belated Return) फाइल करने की अंतिम तारीख 31 दिसंबर 2025 है। हालांकि, लेट ITR फाइल करने पर टैक्सपेयर्स को ₹1,000 से ₹10,000 तक का जुर्माना देना पड़ सकता है, जो आपकी टैक्स देनदारी (Tax Liability) पर निर्भर करता है।
ITR फाइल करने से पहले किन बातों का रखें ध्यान
रिटर्न दाखिल करने से पहले कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है, ताकि बाद में किसी तरह की परेशानी न हो-
- आपका PAN और आधार लिंक होना चाहिए
- जिस बैंक अकाउंट में रिफंड लेना चाहते हैं, वह वैलिडेट होना चाहिए
- रिटर्न फाइल करते समय सही ITR फॉर्म का चुनाव करें
- तय समय सीमा में ITR फाइल करें और उसका ई-वेरिफिकेशन पूरा करें
- यदि आयकर विभाग की ओर से कोई नोटिस आए, तो उसका जवाब समय पर दें
अगर ITR में गलती हो जाए तो क्या करें?
आयकर विभाग के मुताबिक, यदि किसी टैक्सपेयर ने ITR में गलती कर दी है, तो वह रिवाइज्ड रिटर्न (Revised ITR) दाखिल कर सकता है। रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल होने के बाद यह ऑरिजनल ITR की जगह ले लेता है। इसका मतलब यह है कि आपकी पुरानी गलती वाला रिटर्न मान्य नहीं रहेगा और नया रिटर्न ही फाइनल माना जाएगा।
इन गलतियों के लिए कर सकते हैं रिवाइज्ड ITR फाइल
रिवाइज्ड ITR के जरिए आप कई तरह की गलतियां सुधार सकते हैं, जैसे-
- अनजाने में गलत इनकम की जानकारी देना
- पर्सनल डिटेल्स (नाम, पता, बैंक डिटेल) में गलती
- किसी डिडक्शन या छूट को क्लेम करना भूल जाना
- गलत ITR फॉर्म चुन लेना और बाद में उसे बदलना
- टैक्स कैलकुलेशन में गलती
- टैक्स लायबिलिटी में बदलाव
- आयकर विभाग से मिले नोटिस के अनुसार जानकारी अपडेट करना
रिवाइज्ड ITR फाइल करने की आखिरी तारीख
यदि आपने अपना ऑरिजनल ITR ड्यू डेट यानी 15 सितंबर तक फाइल कर दिया था, तो आप 31 दिसंबर 2025 तक रिवाइज्ड ITR दाखिल कर सकते हैं। अच्छी बात यह है कि रिवाइज्ड ITR फाइल करने की कोई सीमा नहीं है और इस पर कोई अतिरिक्त फाइन नहीं लगता। आप रिफंड मिलने के बाद भी रिवाइज्ड ITR फाइल कर सकते हैं, बशर्ते यह 31 दिसंबर से पहले किया जाए। लेट रिटर्न फाइल करने वालों को भी कैलेंडर वर्ष के अंत तक रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल करने की सुविधा मिलती है।
कैसे फाइल करें रिवाइज्ड ITR: स्टेप-बाय-स्टेप तरीका
रिवाइज्ड ITR फाइल करने की प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है-
- इनकम टैक्स की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं और अपने अकाउंट में लॉग इन करें
- असेसमेंट ईयर चुनें और सही ITR फॉर्म सेलेक्ट करें
- फॉर्म में सही जानकारी भरें और ऑरिजनल ITR की रसीद संख्या व तारीख दर्ज करें
- XML फाइल को वेरिफाई करें और जनरेट करें
- ई-फाइलिंग सेक्शन में जाकर अपलोड रिटर्न पर क्लिक करें और फाइल अपलोड करें
- रिवाइज्ड ITR सबमिट करने के बाद उसका ई-वेरिफिकेशन करें-आधार OTP, नेट बैंकिंग या ऑफलाइन पोस्टल मेल के जरिए
ITR फाइलिंग में गलती होना आम बात है, लेकिन जरूरी यह है कि आप समय रहते उसे सुधार लें। रिवाइज्ड ITR की सुविधा टैक्सपेयर्स को राहत देती है और उन्हें बिना किसी डर के अपनी गलतियां सुधारने का मौका देती है। अगर आपने भी ITR फाइल करते समय कोई चूक कर दी है, तो तय समय सीमा के भीतर रिवाइज्ड रिटर्न दाखिल कर अपना टैक्स रिकॉर्ड सही कर सकते हैं।












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