VIDEO: 'महात्मा गांधी के मुल्क को आवाज उठानी चाहिए', गाजा की हालात पर और क्या बोले फारूक अब्दुल्ला
नेशनल कांफ्रेंस के नेता और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने कहा है कि गाजा की हालात को लेकर महात्मा गांधी के मुल्क को आवाज उठानी चाहिए। उन्होंने गुपकार अलायंस की इस मसले पर शुक्रवार को हुई बैठक के बाद यह बयान दिया है।
श्रीनगर में अपने आवास पर पीपुल्स अलायंस फॉर गुपकार डिक्लरेशन (PAGD) की बैठक की अध्यक्षता के बाद एनसी सुप्रीमो फारूक अब्दुल्ला ने हमास के खिलाफ इजराइल की कार्रवाई की वजह से गाजा में पैदा हुए हालात पर चिंता जताई है।

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पूरे देश को गाजा की हालातों के खिलाफ खड़ा होना चाहिए- फारूक अब्दुल्ला
हमास नियंत्रित क्षेत्र गाजा में पानी, बिजली और दवा की किल्लत का जिक्र करते हुए, उन्होंने कहा कि भारत को ऐसे समय में वहां अमन की बहाली के लिए खड़ा होना होगा। उन्होंने कहा, 'अस्पतालों की हालत देखिए, दवा नहीं है, बिजली और पानी नहीं है। मुझे लगता है कि पूरे देश के लोगों को इसके (गाजा की हालातों) खिलाफ खड़ा होना चाहिए।....यह बहुत ही जरूरी है।'
महबूबा और गुपकार के अन्य सहयोगी भी बैठक में रहे शामिल
इस बैठक में नेशनल कांफ्रेंस के सांसद हसनैन मसूदी, पूर्व सीएम और पीडीपी की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती, सीपीएम के नेता यूसुफ तारिगामी के अलावा अन्य लोग मौजूद थे। दरअसल, मुस्लिम आतंकवादी संगठन हमास ने इजराइल पर हमला करके भारी तबाही मचाई है। छोटे-छोटे बच्चों का भी बेरहमी से कत्ल किया और महिलाओं और बच्चों तक को बर्बर तरीके से बंधक बना लिया है। इसके बाद जवाबी कार्रवाई में इजराइल ने हमास के खात्मे का ऐलान कर दिया है।
महात्मा गांधी के मुल्क को आवाज उठानी चाहिए- नेशनल कांफ्रेंस नेता
इस बैठक के बाद प्रेस से बात करते हुए अब्दुल्ला बोले, 'सबसे बड़ी जरूरत है अमन.....और इसके लिए महात्मा गांधी के मुल्क को आवाज उठानी चाहिए.....यह बहुत जरूरी है....इसी पर हमने बात की.....कि जो ताकतें हैं, उनसे कह सकें कि अब बहुत हो गया...इसे खत्म कीजिए.....'
आर्टिकल-370 हटाने के विरोद में बना है गुपकार गठबंधन
गौरतलब है कि जब 2019 में मोदी सरकार ने आर्टिकल 370 खत्म करके जम्मू-कश्मीर को मिला विशेषाधिकार खत्म कर दिया था तो उसके खिलाफ बाद में वहां कश्मीर घाटी में सक्रिय सभी प्रमुख विपक्षी दलों ने पीएजीडी का गठन किया था। इसमें नेशनल कांफ्रेंस, पीडीपी, पीपुल्स कांफ्रेंस और सीपीएम जैसी पार्टियां भी शामिल हैं। यह गठबंधन मूल रूप से अब्दुल्ला और मुफ्ती की पहल से ही बना है। यह गठबंधन कश्मीर को आर्टिकल 370 वापस दिलाने की मांग करता है।
'आर्टिकल 370 हटने के बाद लोगों की सोच में बदलाव आया है'
जबकि, पिछले 19 अक्टूबर को जम्मू-कश्मीर के लेफ्टिनेंट गवर्नर मनोज सिन्हा ने कहा है कि आर्टिकल 370 हटने के बाद से घाटी में लोगों की 'सोच में बदलाव आया है' और 'वे अमन और शांति चाहते हैं।' उन्होंने कहा कि ऐसे ही माहौल से घाटी का विकास हो सकता है।
वहीं इसी महीने की शुरुआत में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि पूर्ववर्ती राज्य आर्टिकल 370 हटने के बाद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकास की नई बुलंदियों को छू रहा है।












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