NIA की छापेमारी, कई नेता और महत्वपूर्ण लोग थे आतंकियों के निशाने पर
नई दिल्ली। राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी (NIA) ने आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट के नए मॉड्यूल हरकत-उल-हर्ब-इस्लाम का भंडाफोड़ किया है। एनआईए, दिल्ली पुलिस और उत्तर प्रदेश एटीएस के सयुंक्त अभियान में बुधवार को कुल 16 जगहों पर छापेमारी की गई। मिली जानकारी के मुताबिक, यह मॉड्यूल उत्तर भारत और राजधानी दिल्ली को दहलाने की प्लानिंग कर रहा था। एनआईए आईजी अशोक मित्तल ने इन छापेमारी से जुड़ी कई अहम जानकारियां मीडिया के साथ शेयर की हैं।

दिल्ली-UP में NIA की 17 जगहों पर छापेमारी,
आईजी अशोक मित्तल ने बताया कि, दिल्ली के सीलमपुर और यूपी के अमरोहा, हापुड़, मेरठ और लखनऊ में छापेमारी की गई थी। इन छापेमारी में टीम को भारी मात्रा में विस्फोटक सामाग्री, हथियार और देश में बने रॉकेट लॉन्चर भी मिले हैं। इस छापेमारी में एनआईए की टीम को 7.5 लाख रुपए बरामद हुए हैं। इसके अलावा 120 अलार्म घड़िया , 100 मोबाइल, 135 सिम कार्ड, 25 पिस्टल , लैपटॉप और भारी मात्रा में मेमोरी कार्ड मिले हैं। 10 लोगों को हिरासत में लिया गया है। वहीं 16 लोगों से पूछताछ की जा रही है।

भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद
आईजी अशोक मित्तल ने बताया कि, इनका लक्ष्य राजनीतिक व्यक्ति, अन्य महत्वपूर्ण व्यक्तियों और महत्वपूर्ण सुरक्षा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाना था। आईजी ने बताया कि, तैयारी के स्तर से पता चलता है कि उनका उद्देश्य निकट भविष्य में रिमोट कंट्रोल आधारित विस्फोटों और फिदायीन हमले करने की योजना थी। यह एक नया ISIS प्रेरित मॉड्यूल है। इनमें से मुख्य आरोपी एक विदेशी एजेंट के संपर्क में थे। उसकी पहचान की जानी बाकी है।

संदिग्धों रिमोट कंट्रोल डिवाइस से ब्लास्ट करने की फिराक में थे
मुफ्ती सोहेल नाम का शख्स इस गैंग का लीडर है और वो दिल्ली के जाफरादबाद में रहता है। उन्होंने बताया कि सोहेल अमरोहा का रहने वाला है और वही पूरे ग्रुप को डायरेक्ट कर रहा था संदिग्धों में नोएडा की ऐमिटी यूनिवर्सिटी के इंजिनियरिंग का एक छात्र भी शामिल है। इसके अलावा एक महिला को भी हिरासत में लिया गया है, उससे भी पूछताछ जारी है। संदिग्धों की मंशा रिमोट कंट्रोल डिवाइस से ब्लास्ट और फिदायीन हमले की थी। वे भीड़ वाली महत्वपूर्ण जगहों और महत्वपूर्ण लोगों पर हमले की योजना बना रहे थे।












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