कश्मीर में ISIS की आहट, एनआईए की नजर 12 लोगों पर
श्रीनगर। कश्मीर में आईएसआईएस की आहट के मद्देनजर राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने यहां के 12 लोगों पर नजर रखनी शुरू कर दी है। इन 12 लोगों की संदिग्ध गतिविधियों के बाद इनके आईएसआईएस से जुड़े होने का संदेह एनआईए को हुआ और फिर उसने यह कदम उठाया।

फिलहाल मौजूदगी के सुबूत नहीं
एनआईए की मानें तो फिलहाल घाटी में आईएसआईएस की मौजूदगी नहीं है और अभी कोई खतरा भी नहीं है। लेकिन एक संगठन की ओर से आईएसआईएस को घाटी में दाखिल कराने की कोशिशें हो रही हैं।
एनआईए को कम से कम दो ऐसे मौकों के बारे में पता लगा है कि जब भारतीय ऑपरेटिव्स ने एक मरे हुए आतंकी संगठन में जान फूंकने की कोशिश की है।
आईएसआईएस ने एक नक्शा तैयार किया था जिसे ग्लोबल इस्लामिक काउंसिल कहा गया है। इस नक्शे में गुजरात के अलावा कश्मीर का भी जिक्र है।
जनवरी में हुई थी एक गिरफ्तारी
जनवरी माह में एनआईए ने मुफ्ती समी घनी को गिरफ्तार किया था जिस पर आईएसआईएस का विचारक होने का आरोप लगा था। उससे पूछताछ में यह बात पता लगी थी वह कश्मीर के कुपवाड़ा और बनिहाल से होकर आया था।
वह वर्ष 2014 में इन दोनों जगहों पर गया था। कहा जा रहा है कि उसने एक खास संगठन के युवाओं को संबोधित किया था जो कि अब राज्य में एक माड्यूल को सेट करने में लगे हुए हैं।
पश्चिम बंगाल में भी एक गिरफ्तार
इसके अलावा हाल ही में पश्चिम बंगाल में भी आईएसआईएस के साथ कनेक्शन की वजह से एक गिरफ्तारी हुई है। इस गिरफ्तारी के तार भी कश्मीर से जुड़ते नजर आ रहे हैं।
जिस ऑपरेटिव को गिरफ्तार किया गया है उसने विदेशी नागरिकों को निशाना बनाने के मकसद से डल झील और इसके आस-पास के इलाकों का दौरा किया था।
डल झील के पास हमले की साजिश
इस ऑपरेटिव ने एनआईए को पूछताछ में बताया कि उसकी योजना डल झील के किनारे विदेशियों पर चाकू से हमले करने की थी ताकि उसे अतंराष्ट्रीय स्तर पर लोकप्रियता मिल सके। वहीं दूसरी ओर इस घटना से कश्मीर में आईएसआईएस का मॉड्यूल स्थापित करने में भी काफी मदद मिलती।












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