अब जम्मू कश्मीर के लिए ISIS की अलग करेंसी!
श्रीनगर। पिछले दिनों राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने सिराजुद्दीन नामक एक शख्स को गिरफ्तार किया। सिराजुद्दीन को भारत में खतरनाक आतंकी संगठन आईएसआईएस का ऑपरेटिव बताया जा रहा है। उससे पूछताछ में एनआईए को जो भी जानकारियां मिली हैं, वे काफी हैरान करने वाली हैं।

कैसी होनी चाहिए कश्मीर की करेंसी
सिराजुद्दीन की जिनती भी चैट्स की पड़ताल से पता लगता है कि आईएसआईएस ने जम्मू कश्मीर के लिए एक खतरनाक प्लान तैयार करके रखा है। इन्हीं प्लान में से एक है जम्मू कश्मीर के लिए एक अलग करेंसी का होना।
वह चाहता था कि इस राज्य के लिए एक अलग खलीफा हो और वह यहां पर शासन करें। सिराजुद्दीनने कश्मीर के लिए एक अलग करेंसी भी डिजाइन करके रखी थी। आईएसआईएस ने कश्मीर के लिए जो करेंसी तैयार की है उसमें 20 रुपए का एक नोट है। इस नोट में लिखा है आईएसआईएस कश्मीर में आपको स्वागत करता है। सिराजुद्दीन की मानें तो इसे कश्मीर की आधिकारिक करेंसी होना चाहिए।
सीरिया जाकर भारत वापस आने की प्लानिंग
सिराजुद्दीन ने स्वीकार किया है कि उसे भारत में मॉड्यूल सेट करने की जिम्मेदारी मिली थी। उसका प्लान सीरिया जाकर फिर भारत लौटाना था और फिर कश्मीर में आईएसआईएस का एक मॉड्यूल तैयार करना था।
एनआईए को सिराजुद्दीन से जानकारी मिली है कि उसके और उसके कुछ साथियों ने कश्मीर पर एक नहीं बल्कि कई हमलों की योजना बनाई थी। कश्मीर के लिए दो प्लान तैयार करके रखे थे। इन प्लान में से एक प्लान के तहत कश्मीर में लोन वोल्फ हमलों के जरिए कश्मीर में खलीफा शासन की स्थापना करना सबसे अहम था।
कश्मीर में हो एक अलग खलीफा शासन
आईएसआईएस ने जो मैप डिजाइन किया है उसमें गुजराज के कुछ हिस्सों के अलावा पूरा जम्मू कश्मीर राज्य शामिल है। सिराजुद्दीन ने जो जानकारी दी है उसके मुताबिक संगठन को लगता है कि कश्मीर में वह अपनी मजबूत पकड़ बना सकता है। सिराजुद्दीन भारत और पकिस्तान किसी को भी कश्मीर में दाखिल नहीं होने देना चाहता था। यहां पर भी सीरिया की तरह ही एक अलग खलीफा शासन होना चाहिए।
300 लोग तैयार आईएसआईएस के लिए
एक चैट में सिराजुद्दीन ने यूएई के एक ऑपरेटिव के सामने दावा किया है कि उसने भारत से 300 लोगों को आईएसआईएस के लिए तैयार कर लिया है। हालांकि अभी तक आईएसआईएस को उसके दावों पर थोड़ी शंका है।












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