'बात से पलट जाना उनकी आदत है', ममता बनर्जी पर कांग्रेस का वार
नई दिल्ली- पश्चिम बंगाल से सांसद और लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने बीजेपी के खिलाफ एकजुटता के ऑफर पर ममता बनर्जी पर सीधा निशाना साधा है। अधीर रंजन चौधरी ने कहा है कि अगर वो अपनी पेशकश को लेकर गंभीर होतीं, तो कांग्रेस की लीडरशिप से बात करतीं। उन्होंने ये भी कहा है कि कुछ बोलकर उससे पलट जाना उनका स्वभाव है।

क्या अपने ऑफर पर ममता गंभीर हैं?
कांग्रेस और सीपीएम को बीजेपी के खिलाफ साथ आने के टीएमसी अध्यक्ष ममता बनर्जी के आह्वान की गंभीरता पर ही अधीर रंजन चौधरी ने संदेह जता दिया है। चौधरी ने कहा है कि "लोग कुछ भी बोल देते हैं और फिर अपने शब्दों से पलट जाते हैं, यह उनकी आदत है। अगर वह गंभीर हैं, तो उन्हें हमारे वरिष्ठ नेताओं से बात करनी होगी। बीजेपी बंगाल में बढ़ रही है, तो यह ममताजी की ही नाकामी है।"

ममता ने क्या ऑफर दिया था?
बुधवार को टीएमसी सुप्रीमो और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा था कि बीजेपी पश्चिम बंगाल में समानांतर सरकार चलाना चाहती है। उसके खिलाफ लड़ाई के लिए कांग्रेस और सीपीएम को टीएमसी के साथ हाथ मिलाना चाहिए। पश्चिम बंगाल विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान उन्होंने कहा था, "राज्य के लोग भाटपारा में देख रहे हैं कि अगर आप बीजेपी को वोट देते हैं, तो क्या होता है। मैं समझती हूं कि हम सब (टीएमसी, कांग्रेस और सीपीएम) को बीजेपी के खिलाफ एकजुट हो जाना चाहिए।" हालांकि, उन्होंने तभी ये भी स्पष्ट कर दिया था कि वो राजनीतिक गठबंधन की बात नहीं कर रही हैं। उन्होंने कहा था, "इसका मतलब ये नहीं है कि हमें राजनीतिक तौर पर हाथ मिलना है। लेकिन, साझा मुद्दों पर राज्य और केंद्र में हम लोग साथ आ सकते हैं।"

दोनों दलों ने ममता को कहा 'ना'
दोनों ही दलों ने पहले ही ममता का ऑफर ठुकरा दिया है। उनका कहना है कि राज्य में बीजेपी की बढ़त के लिए ममता बनर्जी की ही नीतियां जिम्मेदार हैं। वरिष्ठ कांग्रेस नेता अब्दुल मन्नान ने कहा था कि, ‘बीजेपी के खिलाफ संघर्ष के लिए हमें ममता से सीखने की जरूरत नहीं है। यह उनकी नीतियां ही हैं, जिनके कारण बीजेपी की जमीन बंगाल में तैयार हुई है। पहले उन्हें यह स्वीकार करना चाहिए कि उनकी गलतियों के कारण ही बीजेपी राज्य में मजबूत हुई है।' सीपीएम विधायक दल के नेता सुजान चक्रबर्ती ने भी मन्नान के विचारों से सहमति जताई थी।












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