क्या भाजपा के लिए अटल बनना चाहते हैं राजनाथ?

ये मुद्दा उस वक्त और तेज हो गया जब राजनाथ सिंह से हर-हर मोदी स्लोगन पर महज 33 मिनट के भीतर दो ट्वीट कर डाले। जहां पहले ट्वीट में उन्होंने अपनी फोटो के साथ 'अबकी बार, भाजपा सरकार का नारा दिया तो वहीं 33 मिनट के बाद दूसरे ट्वीट में इसे बदलकर मोदी की तस्वीर के साथ स्लोगन को बदल दिया। स्लोगन बदल कर 'अबकी बार, मोदी सरकार' कर दिया।
ये बात उस वक्त और पुख्ता हो गई जब एक अंग्रेजी चैनल के इंटरव्यू में राजनाथ सिंह से एक सवाल के जवाब में पीएम बनने की इच्छा जताई। इंटरव्यू में जब उनसे पूछा गया कि अगर एनडीए गठबंधन को 272 सीटें न मिलीं और सरकार बनाने के लिए अन्य पार्टियों मोदी के नाम पर एतराज जताया तो क्या आपका नाम भी पीएम पद के लिए आगे आ सकता है। इस सवाल के जवाब में राजनाथ ने हंसकर कह दिया, "राजनाथ सिंह के नेतृत्व में बीजेपी सरकार बनाएगी"। लेकिन उन्होंने एकबार भी ये नहीं कहा कि चाहे सीटें कम हो या ज्यादा अगर सरकार बनेगी तो वह मोदी की अगुवाई में ही बनेगी। ऐसे में ये कहना गलत नहीं होगा कि राजनाथ सिंह भी पीएम बनने का सपना देख रहे हैं।
इतना ही नहीं राजनाथ सिंह का गाजियाबाद सीट छोड़ लखनऊ सीट चुनना भी इस बात की ओर इशारा करता है कि राजनाथ सिंह अटल की विरासत पर अपनी दावेदारी ठोकना चाहते हैं। हालांकि कई राजनीतिक जानकार ये भी मानते हैं कि राजनाथ सिंह की शारीरिक भाषा पर गौर किया जाए तो पता चलता है कि वे उसी तरह से बोलने और हाथ हिला-हिला कर बात करने की कोशिश करते हैं, जैसा किसी जमाने में अटल बिहारी वाजपेयी करते थे। राजनाथ सिंह उसी नीति की तरह पार्टी को संभाल रहे हैं जिस तरह से अटल ने भाजपा को बरसों से संभाला।
सवाल आपसे- क्या राजनाथ सिंह में अटल बिहारी वाजपेयी जैसा बनने के गुण हैं? अपने जवाब नीचे कमेंट के माध्यम में दे सकते हैं।












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