विश्लेषणः क्या फूंक पाएंगे योगी अमित शाह जैसा मंत्र
योगी अादित्यनाथ, बयान दिया जहां मुस्लिम होंगे वहां दंगे होंगे। उत्तर प्रदेश के मुस्लिम बहुल इलाके मुरादाबाद, अमरोहा, मुजफ्फरनगर, रामपुर, अलीगढ़ आदि। थोड़ी और आगे जाएं तो पूरे पश्चिम उत्तर प्रदेश में मुस्लिम समुदाय काफी अधिक तादाद में रहता है। ऐसे में योगी अदित्यनाथ के इस तरह के बयानों का इन समुदायों पर क्या असर पड़ा होगा इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। इन सब बातों को दरकिनार करते हुए भाजपा ने योगी अादित्यनाथ को ही उत्तर प्रदेश के उपचुनाव के लिए प्रमुख प्रचारक की भूमिका अदा करने के लिए आदेश दे दिए गए। अब सबसे बड़ा सवाल तो यही है कि क्या योगी आदित्यनाथ भी वही मंत्र फूंक पाएंगे जो अमित शाह ने आपराधिक छवि होने के बावजूद लोकसभा में फूंका था।

दरअसल, भाजपा अगर यह मान रही है कि अमित शाह का जादू चला था तो शायद हो सकता है कि वह उसकी भूल हो। क्योंकि पूरे देश में नरेंद्र के चेहरा आगे कर भाजपा इतना बड़ा ऐतिहासिक चुनाव जीत पाई है। इसी आत्मविश्वास में अगर भाजपा योगी आदित्यनाथ को अपना प्रमुख प्रचारक बना रही है तो हो सकता है कि उसे इसका खामियाजा हाथोंहाथ भुगतना पड़ जाए।
हैरानी इस बात को लेकर है कि योगी आदित्यनाथ के नाम पर विवाद होने पर भी भाजपा ने कहा कि योगी आदित्यनाथ पार्टी के सांसद हैं। इसलिए योगी का चयन पार्टी ने भीतरी विचार-विमर्श के बाद लिया है। गौरतलब है कि सांसद आदित्यनाथ ने हाल में कहा था कि दंगे वहीं होते हैं जहां वे कुल आबादी का 10 प्रतिशत से अधिक होते हैं। लेकिन इसके सब के बावजूद भाजपा ने योगी की उपचुनाव के लिए प्रमुख चुनाव प्रचारक के रूप में नियुक्ति को सही ठहराया है।
दूसरी तरफ भाजपा को शायद यह मालूम नहीं कि उत्तर प्रदेश में लगातार हो रहे दंगों ने अल्पसंख्यक समुदाय में हिंदुत्व के खिलाफ ऐसा गुस्सा भर दिया है कि वह कभी भी फूट सकता है। हो सकता है कि उपचुनाव में तो फूटे ही साथ ही आगामी विधानसभा चुनाव में मतों में भारी कमी के रूप में विस्फोटक साबित हो जाए।












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