इडली का शौक पड़ेगा भारी! पकाने वाली शीट पर अचानक क्यों लगाया गया बैन? हैरान कर देगा खुलासा
Is Idli Safe: इडली, जिसे देशभर में खासतौर पर दक्षिण भारत में सबसे हेल्दी नाश्ते के रूप में पसंद किया जाता है, अब स्वास्थ्य के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। हाल ही में कर्नाटक के स्वास्थ्य विभाग की जांच में यह सामने आया कि राज्य के कई होटल और ठेले वाले इडली पकाने के लिए कपड़े की जगह प्लास्टिक शीट का इस्तेमाल कर रहे हैं।
गर्म करने पर प्लास्टिक से निकलने वाले केमिकल इडली में मिल जाते हैं, जिससे कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा हो सकता है। यह खुलासा होने के बाद कर्नाटक सरकार ने राज्यभर के सभी होटलों में इडली बनाने में प्लास्टिक के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है।

स्वास्थ्य मंत्री दिनेश गुंडू राव ने कहा कि इस तरह से तैयार की गई इडली खाने से लोगों की सेहत को गंभीर खतरा हो सकता है। सरकार जल्द ही आधिकारिक आदेश जारी करेगी और जो भी होटल या दुकान इस नियम का उल्लंघन करेगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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52 होटलों में मिला प्लास्टिक का इस्तेमाल
स्वास्थ्य विभाग ने राज्यभर के 250 से ज्यादा होटलों से इडली के सैंपल इकट्ठा कर जांच की। इनमें से 52 होटलों में प्लास्टिक का इस्तेमाल पाया गया। पहले इडली पकाने के लिए कपड़ा इस्तेमाल किया जाता था, लेकिन अब कई होटल और ठेले वाले प्लास्टिक शीट का इस्तेमाल कर रहे हैं।
मंत्री ने कहा, "प्लास्टिक में कैंसरकारी तत्व होते हैं, जो गर्म करने पर इडली में मिल सकते हैं। यह बेहद खतरनाक है और इसे रोकने की जरूरत है।"
हेल्थ विभाग करेगा सख्त कार्रवाई
सरकार जल्द ही आधिकारिक आदेश जारी करेगी ताकि होटलों में यह दोबारा न हो। अगर किसी भी होटल में प्लास्टिक शीट का इस्तेमाल पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इडली खाने वालों के लिए खतरा
इडली हर उम्र के लोगों का पसंदीदा नाश्ता है। खासतौर पर दक्षिण भारत में यह रोजमर्रा के खाने का अहम हिस्सा है। यह स्वस्थ, हल्की और पोषक होती है। लेकिन बेंगलुरु की स्वास्थ्य विभाग की जांच में सामने आया कि कुछ होटलों और ठेलों पर बनाई जाने वाली इडली स्वास्थ्य के लिए घातक हो सकती है।
कैसे पहुंच रहा इडली में जहर?
स्वास्थ्य अधिकारियों ने 500 से ज्यादा सैंपल इकट्ठा कर जांच की। इसमें 35 सैंपल में कैंसरकारी तत्व पाए गए। जांच में सामने आया कि इडली पकाने के लिए प्लास्टिक शीट का इस्तेमाल किया जा रहा है।
पारंपरिक रूप से इडली के घोल को कपड़े पर डालकर पकाया जाता था, लेकिन अब कुछ होटल और ठेले वाले इसकी जगह प्लास्टिक का उपयोग कर रहे हैं। प्लास्टिक को गर्म करने पर इसमें से हानिकारक केमिकल निकलते हैं, जो इडली में समा जाते हैं।
क्या बोले स्वास्थ्य मंत्री?
मंत्री दिनेश गुंडू राव ने कहा कि "सरकार सिर्फ इडली ही नहीं, बल्कि पूरे खाद्य उद्योग में प्लास्टिक के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने की योजना बना रही है।"
होटल संगठन का बयान
होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष पीसी राव ने सफाई दी कि "किसी भी नामी होटल में इडली बनाने में प्लास्टिक का इस्तेमाल नहीं किया जाता। हमने सभी होटलों को पहले ही इस तरह की गलत प्रथा को रोकने की चेतावनी दी है।"
सरकार की चेतावनी के बाद अब सभी होटलों को सतर्क रहने की जरूरत है। अगर प्लास्टिक से बनी इडली दोबारा पकड़ी गई, तो कड़ी कार्रवाई तय है।
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