Indian Railway: दिल्ली से लखनऊ जाने वाली ट्रेन 3 घंटे हुई लेट, अब 700 यात्रियों को IRCTC देगा मुआवजा
नई दिल्ली, 25 जुलाई: पहले जहां भारतीय रेलवे अपनी लेटलतीफी के लिए जाना जाता था, लेकिन अब यह तस्वीर पूरी तरह से बदल चुकी है। ज्यादातर ट्रेन समय से अपने स्थान पर पहुंचती है और अगर ट्रेन लेट भी होती है तो उसका मुआवजा दिया जाएगा। जी हां, एक दम सही पढ़ा आपने। भारत की पहली प्राइवेट ट्रेन तेजस एक्सप्रेस जो दिल्ली से लखनऊ जाती है, वो तय समय से तीन घंटे लेट हो गई, जिसके बाद अब ट्रेन में सफर करने वाले 700 यात्रियों को IRCTC मुआवजा देगा।

तेजस एक्सप्रेस देती है समय की गारंटी
दरअसल, तेजस एक्सप्रेस अपने यात्रियों को समय से पहुंचाने की गारंटी देती है, लेकिन शुक्रवार को यही ट्रेन तीन घंटे देरी से चल रही थी। ट्रेन के अधिकारियों के मुताबिक तेजस दिल्ली से लखनऊ जा रही थी, जो अमौसी में रुकी थी और तीन घंटे की देरी से चल रही थी। जानकारी के अनुसार ट्रेन के लेट होने की वजह ओवरहेड इलेक्ट्रिक लाइन टूटने बताया गया था, जिससे आसपास के रूट पर 47 से ज्यादा ट्रेनें देरी से चलीं। हालांकि बाद में तेजस एक्सप्रेस को एक डीजल इंजन की मदद से आगे बढ़ाया गया।

700 यात्रियों को मिलेगा मुआवजा
बता दें कि तेजस एक्सप्रेस दिल्ली से 3 बजकर 40 मिनट पर तय समय पर चलती है और रात को 11 बजकर 5 मिनट पर लखनऊ पहुंचती है, लेकिन 22 जुलाई (शुक्रवार) को तीन घंटे लेट हो गई, जिसके बाद अब आईआरसीटीसी के नियमों के मुताबिक तेजस एक्सप्रेस को यात्रियों को मुआवजा देना होगा। क्योंकि ट्रेन में सवार 700 यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था।

जानिए तेजस एक्सप्रेस की पॉलिसी
तेजस एक्सप्रेस की पॉलिसी के अनुसार यदि ट्रेन एक घंटे की देरी से चलती है, तो प्रत्येक यात्री को 100 रुपये का हर्जाना मिलता है। अगर यह 2 घंटे से ज्यादा वक्त की देरी से आती है, तो प्रति व्यक्ति 250 रुपए की क्षतिपूर्ति राशि मिलेगी। आईआरसीटीसी ने यह भी निर्धारित किया है कि प्राइवेट ट्रेन तेजस एक्सप्रेस से यात्रा करने वाले यात्रियों को 25 लाख रुपए तक का यात्रा बीमा मिलेगा। यात्रा के दौरान डकैती या चोरी होने पर यात्री को एक लाख रुपए देगी।

ऐसे खाते में पहुंचेंगे पैसे
ऐसे में अब 22 जुलाई को तेजस एक्सप्रेस में सफर करने वाले 700 यात्रियों को IRCTC को कुल 1.75 लाख रुपए मुआवजे का भुगतान करना होगा। यात्रियों को जल्द ही उनके मेल अकाउंट या एसएमएस के जरिए एक लिंक मिलेगा, जिसमें पीएनआर नंबर, अकाउंट डिटेल जैसे खाता संख्या, आईएफएससी कोड की जानकारी मांगेगा, जिसके बाद जल्द ही हर्जाने की राशि यात्री के बैंक अकाउंट में जमा हो जाएगी।












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