इराक से भारत पहुंचे बिहार के पीड़ित परिवारों ने अवशेष लेने से किया इनकार
नई दिल्ली। इराक के मोसुल में मारे गए 39 भारतीयों के अवशेषों को स्वेदश लाया जा चुका है। इराक की राजधानी बगदाद से लाए गए 39 में से पांच लोग बिहार के रहने वाले हैं, जिनके परिजनों ने अवशेष लेने से इनकार कर दिया। बिहार के सीवान में मंगलवार को दो पीड़ित परिवारों के परिजनों ने अवशेष लेने से इनकार करते हुए राज्य सरकार से मुआवजे की मांग की है। इससे पहले अमृतसर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर राज्य विदेश मंत्री वीके सिंह के नेतृत्व में इराक की राजधानी बगदाद से 39 में 38 भारतीयों के अवशेषों को इंडियन एयरफोर्स के विशेष विमान से भारत लाया गया था।

इराक से लाए गए अवशेष जैसे ही बिहार के सीवान पहुंचे, तभी उनमें से मारे गए अदालत सिंह और सुनिल सिंह के परिवार वालों ने वित्तीय सहायता की मांग करते हुए अवशेष लेने से इनकार कर दिया। अदालत सिंह परिवार के सदस्य सुनिल कुमार कुशवाह ने कहा कि घर पर उनकी एक पत्नी, बच्चें और उसके माता-पिता है और परिवार को मुआवजे की सख्त जरूरत है। उन्होंने कहा कि जब तक सुनिश्चित नहीं हो जाता कि बिहार सरकार उन्हें मुआवजा देगी, तब तक वे अवशेष को घर नहीं ले जाएंगे।
वहीं, इससे पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उप मुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी और राज्य मंत्रिमंडल के अन्य सदस्यों ने हवाई अड्डे पर जाकर अवशेषों को प्राप्त किया और उन्हें श्रद्धांजलि दी। नीतिश कुमार ने मृतक के प्रत्येक परिवार को 5 लाख रुपये मुआवजे के रुप में घोषणा की।
वीके सिंह ने कहा कि इराक में आईएसआईएस के हाथों मारे गए लोगों की रिकॉर्ड एंबेसी में नहीं था। उन्होंने कहा कि वे अवैध रूप से इराक पहुंचे थे। बता दें कि 2014 में इराक के मोसुल में आईएसआईएस ने 39 भारतीयों को मार दिया था।
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