चाबहार पर भारत को धोखा दे रहा ईरान? चीन-पाक को ऑफर देने की खबर
गौरतलब है कि चाबहार को भारत और ईरान के संबंधों में सक्सेस स्टोरी के तौर पर देखा जा रहा है।
नई दिल्ली। ईरान ने भारत को बड़ा झटका दिया है। भारत ने पाकिस्तान को दरकिनार करते हुए जिस चाबहार प्रॉजेक्ट को विकसित करना शुरू किया है उसमें ईरान ने पाकिस्तान और चीन को शामिल होने की पेशकश की है। अब ईरान ने पाकिस्तान और चीन को भी उसमें शामिल होने का ऑफर दे दिया है। पाकिस्तान के 'डॉन' अखबार में छपी रिपोर्ट के मुताबिक ईरान के विदेश मंत्री जवाद जरीफ ने सोमवार को चाबहार सीपोर्ट प्रॉजेक्ट में शामिल होने का न्योता दिया। यही नहीं, ईरान ने कहा है कि चाबहार से ग्वादर पोर्ट के बीच लिंक के विकास के लिए भी पाकिस्तान आगे आए।

'चीन से भी चाबहार परियोजना में भाग लेने की पेशकश की'
रिपोर्ट के मुताबिक जवाद जरीफ ईरानी पोर्ट में भारत के शामिल होने को लेकर जताई गई पाकिस्तान की चिंताओं को दूर करना चाहते हैं। उन्होंने ईरानी बंदरगाह में भारत के जुड़ाव पर होने वाली चिंताओं को दबाते हुए पाक से कहा कि वह अपने ग्वादर बंदरगाह को चाबहार परियोजना के साथ लिंक करे। जारिफ ने अपनी तीन दिनी पाक यात्रा के दौरान इस्लामाबाद के सामरिक अध्ययन संस्थान में व्याख्यान देते हुए चीन से भी चाबहार परियोजना में भाग लेने की पेशकश की। इस प्रोजेक्ट के जरिए भारत के लिए ईरान, अफगानिस्तान और सेंट्रल एशिया के साथ व्यापार का रास्ता खुलेगा। पाकिस्तान ने भारत के लिये इस रास्ते को बंद कर रखा था।

भारत अब पाकिस्तान से गुजरे बिना ही अफगानिस्तान पहुंच सकता है
गौरतलब है कि चाबहार को भारत और ईरान के संबंधों में सफलता के तौर पर देखा जा रहा है। दक्षिण-पूर्व ईरान में भारत द्वारा विकसित किए जा रहे चाबहार पोर्ट के पहले फेज का उद्घाटन पिछले साल दिसंबर में किया गया था। इस पोर्ट के निर्माण को भारत की एक बड़ी उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है। सबसे बड़ा फायदा अफगानिस्तान और मध्य-एशिया के देशों तक भारत की पहुंच है। इस पोर्ट की मदद से भारत अब पाकिस्तान से गुजरे बिना ही अफगानिस्तान पहुंच सकता है।

भारत के लिए झटका
भारत अब पाकिस्तान को बायपास करते हुए अफगानिस्तान तक माल पहुंचाने के लिए ईरान के चाबहार बंदरगाह होकर नया वैकल्पिक मार्ग बनाया जा रहा है। इसके साथ ही चाबहार परियोजना पर भारत-ईरान के बीच नए रिश्तों की शुरूआत हुई है। ऐसे में ईरान के विदेश मंत्री का यह बयान भारत के लिए अच्छी खबर नहीं है। जरीफ ने पाकिस्तान के साथ संबंधों की सऊदी अरब से तुलना भी की और कहा कि उसी तरह से इस्लामाबाद के तेहरान के साथ संबंधों को प्रभावित नहीं कर सकते हैं।












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