क्या IPS अमिताभ ठाकुर को पहले से ही था विकास के एनकाउंटर का शक, 24 घंटे पुराना ट्वीट वायरल
नई दिल्ली: कानपुर में 8 पुलिसकर्मियों की हत्या करने वाला विकास दुबे गुरुवार को मध्य प्रदेश के उज्जैन से गिरफ्तार हुआ। इस बीच वापस कानपुर आते वक्त पुलिस एनकाउंटर में वो मारा गया, लेकिन इस घटना को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर आईपीएस अमिताभ ठाकुर का एक ट्वीट भी वायरल हो रहा है। इस ट्वीट में जैसा घटनाक्रम लिखा है, वैसा ही शुक्रवार को एनकाउंटर साइट पर घटित हुआ।

9 जुलाई को दोपहर दो बजे के करीब अमिताभ ठाकुर ने ट्वीट करते हुए लिखा कि विकास दुबे का सरेंडर हो गया। हो सकता है कल वो UP पुलिस की कस्टडी से भागने की कोशिश करे और मारा जाये। इस तरह विकास दुबे का चैप्टर क्लोज हो जायेगा, लेकिन मेरी निगाह में असल जरुरत इस कांड से सामने आई UP पुलिस के अन्दर की गंदगी को ईमानदारी से देखते हुए उस पर निष्पक्ष और कठोर कार्रवाई करना है।
क्या कह रही यूपी पुलिस?
पुलिस के मुताबिक एसटीएफ की टीम विकास दुबे को लेकर वापस आ रही थी। इस दौरान मीडिया से बचने के लिए ड्राइवर ने स्पीड काफी तेज कर रखी थी। तभी अचानक बारिश की वजह से एसटीएफ का वो वाहन पलट गया, जिसमें विकास दुबे था। इस दौरान विकास एक जवान की पिस्टल लेकर भागने लगा। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक जवानों ने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन वो गोली चलाने लगा। इस पर जवाबी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने उसे मार गिराया। इस एनकाउंटर के बाद से अमिताभ ठाकुर का ट्वीट वायरल हो रहा है।
'इतनी क्या जल्दी थी'?
एनकाउंटर के बाद अमिताभ ठाकुर ने ट्वीट कर लिखा कि इतनी क्या हड़बड़ी थी? किसे बचाया जा रहा है? उन्होंने एक वीडियो संदेश जारी करते हुए कहा कि कानपुर में 8 पुलिसकर्मियों की शहादत से हम सभी को दुख है। इस घटना के बाद पता चला कि कुछ पुलिस अधिकारी विकास दुबे से मिले थे और उन्होंने मुखबिरी की। कई राजनीतिक लोगों से भी उसके अच्छे संबंध थे। उन्होंने कहा कि अब विकास मर चुका है, तो ऐसे में उससे जुड़े कई अहम बिंदुओं की जांच की जानी चाहिए, ताकी सच्चाई दुनिया के सामने आए।












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