बिहार सरकार ने शुरु की पटना हादसे की जांच
पटना। दशहरे के अवसर पर बिहार की राजधानी पटना के गांधी मैदान में रावण दहन के बाद मची भगदड़ की जांच शुरु हो गयी है। बिहार के गृह सचिव आमिर सुबहानी और अपर पुलिस महानिदेशक (मुख्यालय) गुप्तेश्वर पांडेय ने शनिवार को घटना की जांच शुरू कर दी है। इन दोनों ही अधिकारियों ने गांधी मैदान, राम गुलाम चौक तथा पीएमसीएच पहुंचकर मौके का मुआयना कर लोगों से बातचीत करके हादसे की वजहों की जांच शुरु कर दी है।

इस हादसे में अब तक मरने वालों की संख्या 33 हो गई है। वहीं इस संख्या के बढ़ने की भी आशंका बनी हुई है। मरने वालों में 28 बच्चे और महिलाएं शामिल हैं। 33 मृतकों में से 31 मृतकों की पहचान कर ली गई है। 29 लोगों का इलाज पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (पीएमसीएच) में चल रहा है और सभी खतरे से बाहर हैं। उन्होंने यह भी कहा कि गांधी मैदान का कोई भी गेट बंद नहीं था।
गृह सचिव ने बताया कि घटना के संबंध में अगले मंगलवार को जिलाधिकारी कार्यालय में खुली सुनवाई होगी, जिसमें लोग आकर अपनी शिकायत कर सकेंगे। एडीजी गुप्तेश्वर पांडेय ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस सभी सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है।
इधर, घटना के बाद आक्रोशित लोगों का गुस्सा शनिवार को भी रह-रहकर फूटता रहा। आक्रोशित लोगों ने अशोक राजपथ पर हंगामा करते हुए सड़क जाम कर दिया। पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच झड़प होने की भी खबर है। इस बीच पुलिस ने सड़क जाम कराने वाले तीन लोगों को हिरासत में ले लिया है।
बिहार सरकार ने मृतकों के परिजनों के लिए तीन-तीन लाख रुपये, गंभीर रूप से घायलों को 50-50 हजार रुपये तथा मामूली रूप से घायल होने वालों को 20-20 हजार रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपए के मुआवजे का एलान किया है।
आपको बता दें कि इससे पहले 19 नवंबर, 2012 को भी पटना में छठ घाट पर भगदड़ मची थी, जिसमें 18 लोगों की मौत हो गई थी।












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