'पहले अडानी कोल घोटाले की तो कर लो जांच...', Cash for Query केस में CBI जांच के निर्देश पर महुआ मोइत्रा
कैश फॉर क्वेरी मामले में लोकपाल की ओर से सीबीआई जांच के निर्देश की खबरों पर महुआ मोइत्रा ने सीबीआई को निशाने पर लिया। उन्होंने कहा कि लोकपाल अधिनियम के मुताबिक इसको लेकर कोई रेफरल आदेश अपलोड नहीं किया है और ना ही सीबीआई ने इसको लेकर आधिकारिक तौर पर कोई बयान दिया है। जबकी 'सूत्रों को हवाले से' मीडिया इस तरह की खबरें चला रही है। मोइत्रा ने अपने बयान के दौरान कथित अडानी कोल घोटाले की जांच को लेकर केंद्रीय जांच एजेंसी को निशाने पर लिया।
महुआ मोइत्रा पर कैश फॉर क्वेरी मामले में लगे आरोपों के मामले में लोकपाल ने सीबीआई जांच के निर्देश दिए हैं। इसको लेकर टीएमसी सांसद ने एक्स पर पोस्ट में लिखा, "न तो लोकपाल ने लोकपाल अधिनियम के अनुसार वेबसाइट पर कोई रेफरल आदेश अपलोड किया है और न ही सीबीआई ने कुछ भी आधिकारिक तौर पर डाला है। "सूत्र" सामान्य मीडिया सर्कस के अनुसार पत्रिकाओं को बता रहे हैं। आशा है कि ₹13,000 करोड़ का अदानी कोयला घोटाला मेरे विच हंट से पहले सीबीआई पीई के योग्य होगा।"

कैश फॉर क्वेरी केस में सीबीआई ने TMC सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ शनिवार से प्रारंभिक जांच शुरू की। न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक इस जांच के आधार पर ही सीबीआई ये तय करेगी कि मोइत्रा के खिलाफ क्रिमिनल केस दर्ज किया जाए या नहीं।
बता दें कि TMC सांसद महुआ मोइत्रा के खिलाफ भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने लोकपाल से शिकायत की थी। मोइत्रा पर संसद की आईडी और पासवर्ड बिजनेसमैन हीरानंदानी को देने का आरोप है। मामले की जांच के लिए संसद ने एथिक्स कमेटी गठित की थी। कमेटी की 10 नवंबर को अपनी रिपोर्ट लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला को भेजकर मोइत्रा की लोकसभा सदस्यता खत्म करने की सिफारिश की है। जिसके बाद अब लोकपाल के निर्देश पर मामले की जांच सीबीआई को सौंपी गई है।












Click it and Unblock the Notifications