आजमगढ़ में सांप्रदायिक हिंसा के बाद कई अधिकारियों की छुट्टी, इंटरनेट पर लगा बैन

लखनऊ। पूर्वी उत्तर प्रदेश में जिस तरह से हिंसा बढ़ा रही है उसने सपा सरकार की कानून-व्यवस्था की पोल खोल कर रख दी है। आजमगढ़ में शनिवार को भड़की हिंसा के बाद अभी भी तनाव बना
हुआ है। यहां बुधवार तक के लिए इंटरनेट पर भी बैन लगा दिया गया है।

violence

आजगढ़ में हिंसा को रोकने में विफल रहने के चलते डीआईजी उमेश चंद्र श्रीवास्तव, कमिश्नर आरपी गोस्वामी, एसपी दयानंद मिश्र ने उनके पद से हटा दिया गया है। आजगढ़ में शांति बरकरार रखने के लिए एडीजी लॉ एंड ऑर्डर दलजीत चौधरी, आईजी असीम अरुण सोमवार को यहां पहुंचे। अभी तक आजगढ़ हिंसा में कुल 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ व 21 नामजद लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, जबकि सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

आजमगढ़ में भड़की हिंसा की जांच के लिए आला टीम गठित की गयी है। जांच के लिए पूर्व डीजीपी बृजलाल को हिरासत में लिया गया था। डीजीपी बृजलाल की गिरफ्तारी का भाजपा प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्या ने कड़ा विरोध करते हुए कहा कि सपा सरकार प्रदेश की कानून व्यवस्था को संभालने में पूरी तरह से विफल रही है।

गृह सचिव मणि प्रसाद मिश्र को आजमगढ़ का नया कमिश्नर व धर्मवीर को नया डीआईजी रेंज बनया गया है। वहीं एसपी अजय कुमार साहनी नये एसपी बनाये गये हैं। आजमगढ़ के हालात पर काबू पाने के लिए हिंसाग्रस्त इलाको में 2 कंपनी आरएएफ, 12 पीएसी की कंपनी

गौरतलब है कि शनिवार व रविवार को आजगढ़ में हिंसा भड़क गयी थी, दंगाइयो ने कई राउंड फायरिंग की थी जिसमें सीओ सिटी केके सरोज के हाथ में गोली लग गयी थी। हिंसा में एसडीएम और तहसीलदार व कई अधिकारी घायल हुए थे। जिसके बाद आसपास से जिलों में पुलिस बल तैनात किया गया था।

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