जानें कौन हैं पूरी दुनिया में योग की डुगडुगी बजाने वाले परमहंस योगानंद, विराट कोहली भी हैं जिनके मुरीद
Who is Paramahansa Yogananda: आज पूरी दुनिया अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मना रही है। आज के समय में सिर्फ हम भारतीय ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया योग से परिचित है। हर कोई खुद को हेल्दी रखने के लिए योग का सहारा लेता है। मगर क्या आप जानते हैं कि योगा को विदेश में लेकर जाने वाले योगगुरु कौन थे? चलिये आज बात करते हैं उन योगगुरु की, जिन्होंने विदेशी लोगों को योगा से परिचित कराया।
ये योगगुरु कोई और नहीं बल्कि परमहंस योगानंद थे, जिन्होंने देश से बाहर भी योग को दुनिया से परिचित कराया। उनकी लिखी किताब एक योगी की आत्मकथा सिर्फ भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनियाभर में ही फेमस है। यही वो किताब थी, जिसके जरिये योगी ने पूरी दुनिया को न सिर्फ मेडिटेशन बल्कि योग के महत्व को भी समझाया।

स्वामी परमहंस का बचपन से ही आध्यात्म की ओर झुकाव था। वे उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से ताल्लुक रखते थे और उनके बचपन का नाम मुकुंद नाथ घोष था। बहुत कम उम्र में ही वे गुरु की खोज में निकल पड़े। साल 1910 का समय था, जब उनकी मुलाकात स्वामि युक्तेश्वर गिरि से हुई।
स्वामी को उन्होंने अपना गुरु बना दिया, जिससे उनकी जिंदगी पूरी तरह से ही बदल गई। इसके बाद परमहंस ने उनके साथ रहकर काफी कुछ सीखा। फिर स्वामी परमहंस ने अपने अनुयायियों के साथ मिलकर पूरे विश्भर में योग का प्रचार-प्रसार किया। परमहंस योगानंद को योग का गुरु माना जाता है, जिन्होंंने अपना ज्यादातर वक्त अमेरिका में रहकर बिताया।
देश विदेश से ऋषिकेश आते हैं लोग
स्वामी परमहंस ने वहीं रहकर सबको योगा सिखाया और मेडिटेशन से सबको रूबरू करवाया। बस यहीं से धीरे-धीरे विदेशों में भी लोग योगा सीखने लगे और करने लगे। योगा को लेकर विदेशों में लोगों की दिलचस्पि बढ़ने लगी। आज पूरी दुनिया में योग से लोग परिचित हैं। उत्तराखंड की योग नगरी ऋषिकेश में लोग विदेशों से योगा करने और सीखने आते हैं।
विराट कोहली भी बाबा के फैन
बताते चलें कि एप्पल के संस्थापक स्टीव जॉब्स की मौत के बाद मेमोरियल सर्विस में आने वालों को ऑटो बायोग्राफी ऑफ योगी की एक प्रति देने के लिए कहा था। उनकी लोकप्रियता को आप इस वाकये से समझ सकते हैं। वहीं स्टार क्रिकेटर विराट कोहली भी इनके मुरीद हैं।












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