International Yoga Day 2023: 'सूर्य नमस्कार' से 12 योगासनों का फायदा, जानें करने का सही तरीका
International Yoga Day 2023:'सूर्य नमस्कार' की मदद से 12 योगासनों का फायदा मिलता है। यह सूर्योदय से पहले सुबह जल्दी किया जाने वाला आसन है। इससे शारीरिक और मानसिक शक्ति को बढ़ाने में मदद मिलती है।
International Yoga Day 2023: इस साल अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून को यानी बुधवार को मनाया जाएगा। 'योग' वह शक्ति है, जो मानव जीवन को सभी रोगों व विकारों से दूर कर सकती है। इसकी मदद से एक मनुष्य अपने शरीर को फीट रख सकता है। मन को शांत रख सकता है।
योग में सूर्य ऊर्जा का सबसे बड़ा स्रोत है। अगर आप योग की शुरुआत कर रहे हैं तो 'सूर्य नमस्कार' का अभ्यास सबसे बेहतर है। यह आपको एक साथ 12 योगासनों का फायदा देता है और इसलिए इसे सर्वश्रेष्ठ योगासन भी कहा जाता है।

सूर्य ऊर्जा, शक्ति और जीवन शक्ति का प्रतीक है। यह सूर्योदय से पहले सुबह जल्दी किया जाने वाला आसन है। यह शारीरिक और मानसिक शक्ति को बढ़ाने में मदद करता है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह आसन आपके शरीर पर बेहतर नियंत्रण, मन की शांति, संतुलित ऊर्जा और आंतरिक शांति को बढ़ाने में मदद करता है। सूर्य नमस्कार, खुद को बुद्धिमान बनाने की एक शक्तिशाली तकनीक है। आइए जानते हैं कैसे करें सूर्य नमस्कार?
सूर्य नमस्कार कैसे करें?
सूर्य नमस्कार में कुल 8 मुद्राएं होती हैं, जो प्रत्येक पक्ष के लिए 12 चरणों के क्रम में विभाजित होती हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, सूर्य नमस्कार हमेशा दाहिनी ओर से शुरू करना चाहिए। एक चक्र के बाद 24 बार गिनती करनी होगी। हर एक पोज में एक खास तरीके से श्वास (सांस) लेनी होती है। शुरुआत के रूप में योग एक दिन में 5 चक्रों से शुरू होता है, और धीरे-धीरे इसे प्रतिदिन 11 चक्रों तक बढ़ाया जा सकता है।
ऐसे करें फॉलो
- प्रणामासन या प्रार्थना मुद्रा: अपनी चटाई के किनारे पर खड़े हो जाएं और दोनों पैरों पर अपना वजन संतुलित करते हुए अपने पैरों को एक साथ रखें। श्वास (सांस) लेते हुए अपने दोनों हाथों को ऊपर उठाएं और हथेलियों को छाती के सामने मिला लें।
- हस्तोत्तानासन या उठी हुई भुजाएं: इस मुद्रा में, अपनी भुजाओं को ऊपर और पीछे उठाएं और पूरे शरीर को एड़ियों से लेकर उंगलियों के सिरे तक फैलाएं।
- हस्तपादासन: इस मुद्रा में खड़े होकर श्वास छोड़ें और रीढ़ को सीधा रखते हुए आगे की ओर झुकें। पूरी तरह से श्वास छोड़ते हुए हाथों को पैरों के बगल में जमीन पर ले आएं।
- अश्वसंचालासन या अश्वारोही मुद्रा: धीरे-धीरे अपने दाहिने पैर को पीछे की ओर धकेलें, जहां तक संभव हो। फिर ऊपर देखते हुए अपने दाहिने घुटने को फर्श पर लाएं।
- दंडासन या स्टिक पोज: सांस लेते हुए बाएं पैर को पीछे ले जाएं और रीढ़ की हड्डी को सीधा रखते हुए पूरे शरीर को एक सीध में लाएं।
- अष्टांग नमस्कार: अपने घुटनों को फर्श पर नीचे लाएं और अपनी ठुड्डी को फर्श पर रखते हुए धीरे-धीरे सांस छोड़ें। धीरे-धीरे अपने पिछले हिस्से को ऊपर उठाएं और अपने हाथों और पैरों को फर्श पर छुएं।
- भुजंगासन या कोबरा मुद्रा: अपनी छाती को कोबरा मुद्रा में उठाएं और छत की ओर देखते हुए अपनी कोहनियों को मोड़कर रखें।
- अधोमुख श्वानासन : धीरे-धीरे सांस छोड़ें, अपनी पीठ को ऊपर उठाएं और अपने शरीर को उल्टे वी पोज़ में ले आएं।
- अश्व संचालनासन: अपने दाएं पैर को दोनों हाथों के बीच में आगे लाएं, और बाएं घुटने को नीचे फर्श पर टिकाएं।
- ताड़ासन: सांस छोड़ते हुए अपने शरीर को सीधा करें और धीरे-धीरे अपने हाथों को नीचे की ओर खींचें। इस स्थिति में आराम करें।












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