International Nurses Day: राहुल गांधी, अमित शाह ने किया नर्सों को सलाम
नई दिल्ली। आज यानी 12 मई को दुनियाभर में अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस मनाया जा रहा है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने नर्सों के योगदान को मानवता के लिए बहुत बड़ा बताते हुए उन्हें सलाम किया है। दोनों नेताओं ने कहा है कि नर्सों का योगदान हमेशा से बहुत बड़ा रहा है। वहीं आज के समय जब दुनिया कोरोना से लड़ रही है को उनकी भूमिका और भी अहम हो जाती है।
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अमित शाह और राहुल गांधी के ट्वीट
अमित शाह ने ट्वीट कर लिखा, इंटरनेशनल नर्स डे पर, मैं दुनिया भर में मानवता की सेवा करने वाली सभी नर्सों के प्रति आभार व्यक्त करता हूं। नर्सें हमारे चिकित्सा क्षेत्र की रीढ़ हैं। COVID-19 के प्रसार में उनकी भूमिका वास्तव में उल्लेखनीय है। भारत हमारी नर्सों को उनके अथक प्रयासों के लिए सलाम करता है।
राहुल गांधी ने ट्वीट कर लिखा, पूरे भारत में हमारी नर्सें लोगों की जिंदगियों को को बचाने में मदद करने के लिए, हर वक्त काम कर रही हैं। वे हमारी नायाब हीरो हैं, जिनका शायद उतना जिक्र नहीं होता है। कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई में वो पहली पंक्ति में खड़ी होकर लड़ रही हैं। आज इंटरनेशनल नर्स डे पर मैं उनकी कड़ी मेहनत और समर्पण के लिए हर एक नर्स का शुक्रिया अदा करता हूं और उनको सलाम करता हूं।

इन नेताओं ने भी कहा नर्सों को शुक्रिया
पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने ट्वीट कर लिखा, आज इंटरनेशनल नर्स डे है। कोरोनोवायरस के खिलाफ हमारी लड़ाई में नर्स महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। हम उन सभी नर्सों को सलाम करते हैं जो इस संकट के समय में निस्वार्थ भाव से अपने और अपने परिवार को खतरे में डालते हुए रोगियों की सेवा कर रही हैं।
केरल के मुख्यमंत्री पी, विजयन ने ट्विटर पर लिखा, आज हम अपने समाज के कुछ सबसे असाधारण लोगों को धन्यवाद देना चाहते हैं और ये हैं नर्सें। केरल की नर्स दुनिया भर में सेवा कर रहे हैं। हमें उन पर गर्व है। हम उन्हें अपने दिलों में रखते हैं, आज ही नहीं बल्कि रोज। नर्स डे की बहुत शुभकामनाएं।

इसलिए मनाया जाता है नर्स डे
दुनिया की महान नर्स फ्लोरेंस नाइटिंगेल के जन्मदिन (12 मई) को अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस के तौर पर मनाया जाता है। आधुनिक नर्सिंग की जननी फ्लोरेंस नाइटिंगेल ने प्रीमिया युद्ध के दौरान लालटेन लेकर घायल सैनिकों की सेवा की थी, जिसके चलते उन्हें 'लेडी बिद द लैंप' भी कहा गया।
ब्रिटिश परिवार में 12 मई 1820 को जन्मी फ्लोरेंस नाइटिंगेल ने 1860 में सेंट टॉमस अस्पताल और नर्सों के लिए नाइटिंगेल प्रशिक्षण स्कूल की स्थापना की थी। जनवरी 1974 में फ्लोरेंस नाइटिंगेल की याद में 12 मई को अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस मनाए जाने का प्रस्ताव यूएस में पारित हुआ था। इस मौके पर नर्सिंग के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाली नर्सों को फ्लोरेंस नाइटिंगेल पुरस्कार से भी सम्मानित किया जाता है।












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