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सेना में ऑफिसर बनने की कर रहे थे तैयारी, फेल हुए तो बना लिया इंटरनेशनल Cyber Fraud गिरोह, 4 गिरफ्तार

Gaming App Scam Etawah: इंटरनेट के इस दौर में जहां डिजिटल सेवाएं हमारी ज़िंदगी को आसान बना रही हैं, वहीं साइबर अपराध भी उतनी ही तेज़ी से पैर पसार रहे हैं। उत्तर प्रदेश के इटावा से एक ऐसा ही चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने देशभर की साइबर सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने एक ऐसे अंतरराष्ट्रीय साइबर ठग गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो ऑनलाइन गेमिंग की आड़ में न केवल देश के सैकड़ों लोगों को चूना लगा रहा था, बल्कि विदेशों से जुड़े नेटवर्क के ज़रिए मनी लॉन्ड्रिंग जैसे संगीन अपराध को भी अंजाम दे रहा था।

इस गिरोह के खिलाफ नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर देशभर से कुल 32 शिकायतें दर्ज थीं। पकड़े गए आरोपियों में बलिया के यश प्रताप सिंह, झांसी के यश आर्या, इटावा के हिमांशु शर्मा और बुलंदशहर के हिमांशु चौधरी शामिल हैं।

International cyber crime network
(PIC- AI Generated Images)

देहरादून में मिले, फेल हुए तो बन गए ठग

गिरफ्तार किए गए चारों आरोपी बलिया के यश प्रताप सिंह, झांसी के यश आर्या, इटावा के हिमांशु शर्मा और बुलंदशहर के हिमांशु चौधरी देहरादून में एनडीए की तैयारी कर रहे थे। एनडीए में सफलता नहीं मिली तो इन्होंने मिलकर ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर देशभर में साइबर ठगी का संगठित नेटवर्क खड़ा किया।

फर्जी MSME सर्टिफिकेट से खोलते थे बैंक खाते

पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि गैंग को ठगी के लिए बड़े पैमाने पर लेनदेन करने के लिए चालू खातों की जरूरत होती थी। इसके लिए ये लोग फर्म या लघु उद्योग के नाम पर फर्जी MSME सर्टिफिकेट बनवाते थे, जिससे देश के विभिन्न बैंकों में खाते खुलवाए जाते थे। इन खातों की जानकारी टेलीग्राम और व्हाट्सएप ग्रुप्स पर शेयर की जाती थी। एक खाते से औसतन 1 करोड़ रुपए तक का ट्रांजैक्शन कराया जाता था, जिसके बदले आरोपियों को 3-4 प्रतिशत का कमीशन मिलता था।

युवाओं को करते थे टारगेट

गिरोह ने ठगी को वैध दिखाने के लिए गेमिंग कंपनियों का सहारा लिया। वे युवाओं को समझाते थे कि उनका खाता गेमिंग कंपनी से जुड़ेगा और उन्हें कमीशन के रूप में मोटी रकम मिलेगी। भरोसा दिलाने के लिए बड़े-बड़े ट्रांजैक्शन के स्क्रीनशॉट भी भेजे जाते थे। युवाओं को लालच देकर एक खास APK सॉफ्टवेयर डाउनलोड करवाया जाता, जिससे आरोपियों को उनके खातों का रिमोट एक्सेस मिल जाता था।

देशभर से 32 केस

जांच में सामने आया कि आरोपी हिमांशु चौधरी के नाम पर इटावा के बंधन बैंक में एक खाता था, जिसमें अकेले 80 लाख रुपए की ठगी की गई। जेमिस पोर्टल के अनुसार, इस खाते से संबंधित कुल 32 शिकायतें देश के 11 राज्यों - जैसे आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली, कर्नाटक और तमिलनाडु - से दर्ज हैं।

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विदेश कनेक्शन की भी पुष्टि

पुलिस ने आरोपियों के पास से इंडोनेशिया की सिम, 6 मोबाइल फोन, कई एटीएम, पासबुक, चेकबुक और दस्तावेज़ बरामद किए हैं। इससे गिरोह के अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की पुष्टि होती है।

SSP ने टीम को दिया इनाम

एसएसपी इटावा बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने इस कार्रवाई के लिए पुलिस टीम को ₹15,000 का इनाम देने की घोषणा की है। साथ ही उन्होंने आम जनता को आगाह किया है कि किसी भी लालच में आकर अपने बैंक अकाउंट की जानकारी या एक्सेस किसी के साथ साझा न करें। साइबर ठगी की शिकार होने पर तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन या स्थानीय थाना से संपर्क करें।

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