Survey: 50 फीसदी लोगों ने कहा दिल्ली में फिर बनेगी केजरीवाल की सरकार
बैंगलोर। आज एक बार फिर से दिल्ली के तख्त को लेकर मारा-मारी मची हुई है। फिर से चुनावी रंग में रंगने को तैयार दिल्ली में तेजी से राजनैतिक समीकरण बदलने के आसार दिख रहे हैं और जो इस समीकरण में पास होगा उसी के सिर पर दिल्ली का ताज सजेगा।
तमाम ओपेनियन पोल अपने-अपने सर्वे की मदद से यह दिखाने में लगे हुए हैं कि इस बार दिल्ली की सीट पर मोदी लहर का असर दिखेगा और बीजेपी जो कि पिछले चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी, उसे ही सिंहासन नसीब होगा और वहीं दूसरी ओर शीला दीक्षित के 10 साल के शासन को नष्ट करने वाले आप पार्टी के संयोजक और पूर्व दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल को काफी नुकसान होगा।
बीजेपी के लिए दिल्ली की राह आसान नहीं, केजरीवाल से मिलेगी कड़ी टक्कर
लेकिन वनइंडिया सर्वे में इससे उलट बात सामने आयी है जिसे सुनकर आप चौंक जायेंगे। हिंदी पोर्टल वनइंडिया मे अपने सर्वे में अपने पाठकों से एक सवाल पूछा था कि 'दिल्ली में फिर हुए चुनाव तो कौन सी पार्टी जीतेगी?' जिसमें अभी तक 6, 276 लोगों ने हिस्सा ले लिया है और उसमें 50.45 प्रतिशत लोगों को लगता है कि इस बार भी दिल्ली में आम आदमी पार्टी ही राज करेगी, लोगों को अभी भी आप पार्टी पर से पूरा भरोसा उठा नहीं है, जबकि 6.81 प्रतिशत लोगों का कहना है कि दिल्ली भगवा रंग में रंगेगी।
यानी कि लोकसभा और देश के चुनिंदा राज्यों में बीजेपी की जीत का असर दिल्ली में भी दिखायी देगा और इसमें कोई शक नहीं की दिल्ली के सिंहासन पर कमल ही खिलेगा। जबकि सर्वे के 2.74 प्रतिशल लोगों को अभी भी लगता है कि आप पार्टी और बीजेपी की लड़ाई में बाजी कांग्रेस के हाथ लगेगी।
यह सर्वे अभी भी खुला है इसलिए आप भी इस सर्वे का हिस्सा बन सकते हैं। इसलिए आप भी नीचे लिखे पोल का सही जवाब दीजिये और देश की राजनीति में अपनी भागीदारी दर्ज कराइये।
गौरतलब है कि दिल्ली में फिर से चुनाव होने जा रहे हैं।पिछले वर्ष दिसंबर में हुए चुनाव में त्रिशंकु विधानसभा बनी थी। भाजपा 31 सीटें हासिल कर सबसे बड़े दल के रूप में उभरी थी, लेकिन उसने सरकार बनाने से इंकार कर दिया था। आप 28 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर थी। आप की इस उपलब्धि पर पूरा देश चकित हो गया था। आप ने कांग्रेस के समर्थन से अल्पमत सरकार भी बनाई।
दिल्लीवासियों का भरोसा अभी भी केजरीवाल पर
लेकिन यह सरकार 49 दिनों बाद ही चली गई, क्योंकि मुख्यमंत्री और आप संस्थापक अरविंद केजरीवाल ने जन लोकपाल विधेयक पारित न हो पाने पर इस्तीफा दे दिया था। उसके बाद हुए लोकसभा चुनाव में केजरीवाल भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी से वाराणसी में चुनाव हार गए। बाद में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर उन्होंने गलती की। फिलहाल दिल्ली में चुनाव कब होंगे इसकी घोषणा बहुत जल्द हो सकती है।













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