जब Pizza गोल तो बॉक्स चौकोर क्यों? जानिए अपने लजीज पिज्जा से जुड़े ऐसे ही रोचक सवालों के जवाब
नई दिल्ली, 17 नवंबर। बच्चे हों या बूढ़े, पिज्जा खाना हर किसी को पसंद होता है। लेकिन क्या कभी आपने सोचा है कि ये लजीज पिज्जा हर रेस्टोरेंट या होम डिलीवरी के दौरान चौकोर डिब्बे में ही क्यों मिलता है? या हमेशा इसे तिकोने आकार में ही क्यों काटा जाता है? पिज्जा खाते समय तो हमारे मन में ऐसे सवाल नहीं आते लेकिन आज हम आपके सामने इस रहस्य से पर्दा उठाने जा रहे हैं। आज आप पिज्जा के बारे में वो रोचक फैक्ट्स जानेंगे जिसे आप अपने दोस्तों के सामने बताकर थोड़ा तारीफ बटोर सकते हैं।

कहां और कैसे हुई पिज्जा की शुरुआत
पिज्जा को लेकर सबसे पहला सवाल ये सामने आता है कि इस स्वादिस्ट फास्टफूड कहां से आया और इसकी शुरुआत कैसे हुई? तो भारत के मशहूर शेफ हरपाल सिंह सोखी बताते है कि पिज्जा इटली की देन माना जाता है, जिसे 18वीं सदी में इटली के नेपल्स में ईजाद किया गया। फैक्ट की बात ये है कि आज के समय में गरीबों की पहुंच से दूर पिज्जा की शुरुआत गरीबों के खाने के लिए ही की गई थी। सड़क किनारे फूड बेचने वाले वेंडर्स ने गरीबों और मजदूरों के सस्ते खाने की डिमांड पर पिज्जा तैयार किया था।

'डॉमिनोज' का असली नाम और जन्म
आधुनिक पिज्जा का जन्मदाता नेपल्स के ही रहने वाले रॉफेल एस्पिओसिटो को माना जाता है, जो बेकिंग का काम करते थे। इसके बाद इटली से अमेरिका पहुंचने के बाद पिज्जा धीरे-धीरे पूरी दुनिया में छा गया। आपने मशहूर पिज्जा चेन रेस्टोरेंट 'डॉमिनोज' का नाम तो सुना ही होगा, उससे जुड़ा फैक्ट ये है कि इस रेस्टोरेंट का सबसे पहले नाम 'डॉमिनिक्स' हुआ करता था। इसकी शुरुआत 1960 के दशक में दो भाइयों टॉम और जेम्स ने मिशिगन में की थी। 1965 में इसका नाम 'डॉमिनोज' कर दिया गया।

चौकोर डिब्बे में क्यों मिलता है गोल पिज्जा?
अगर कभी आपने ध्यान दिया होगा तो ये सवाल जरूर आपके मन में आया होगा। अगर आपको इसका जवाब नहीं पता तो बता दें कि इसकी वजह पिज्जा नहीं बल्कि डिब्बा बनाने का तरीका है। दरअसल, चौकोर डिब्बा बनाना आसान और सस्ता है, इसे बनाने के लिए कार्डबोर्ड की सिर्फ एक शीट की जरूरत पड़ती है। वहीं गोल डिब्बे के लिए ज्यादा पीस की जरूरत पड़ती है। इसके अलावा रखने की सहूलियत के हिसाब से भी गोल डिब्बे के मुकाबले चौकेर डिब्बे ज्यादा कारगर हैं।

चौकोर पिज्जा क्यों नहीं?
गोल डिब्बा नहीं बना सकते तो क्यों ने पिज्जा को ही चौकोर बना दिया जाए, लेकिन ऐसा किया नहीं जाता। इसके पीछे का कारण यह है कि पिज्जा का डो या ब्रेड गोल बनाने से वह समान साइज में फैलता है। इसके अलावा वह हर तरफ से पकता भी अच्छा है। इसलिए पिज्जा किसी एक तरफ से ज्यादा पका और कच्चा नहीं रहता। पिज्जा का जो शेप है वो उसी में बेहतर स्वाद दे सकता है।

तिकोना ही क्यों काटा जाता है पिज्जा?
पिज्जा से जुड़ा आज का आखिरी सवाल ये है कि इसे त्रिकोण (तिकोने) साइज में ही क्यों काटा जता है, चौकोर क्यों नहीं काट सकते? तो इसका आसान सा जवाब यही है कि गोल चीजों को बराबर साइज में काटने का एक मात्र तरीका त्रिकोण ही है। हालांकि कई जगह पिज्जा चौकोर भी बनाया जाता है और स्क्वायर काटा भी जाता है। लेकिन तब उसे खाने में भी परेशानी होती है और आकार भी बड़ा होता है। त्रिकोण कटे पिज्जा को खाना आसान है।
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