इंफोसिस के संस्थापक नारायण मूर्ति बोले- मोदी दोबारा बनें प्रधानमंत्री, इकोनॉमी को मिलेगी रफ्तार
नई दिल्ली। आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी इंफोसिस के संस्थापक एनआर नारायण मूर्ति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके अनुशासन और जीएसटी समेत अहम नीतिगत फैसलों को लेकर जमकर तारीफ की है। इसके साथ ही उन्होंने पीएम मोदी को दोबारा प्रधानमंत्री बनाने का समर्थन किया है। ईटी नाउ से बात करते हुए मूर्ति ने कहा कि वर्तमान सरकार की निरंतरता भारत के लिए अच्छी होगी, इससे इकोनॉमी को रफ्तार मिलेगी। भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने में भी मोदी सरकार कामयाब रही है। हमें आभारी होना चाहिए कि कम से कम पीएम मोदी के कैलिबर का एक राष्ट्रीय नेता है जो भारत में सुधार करने में रूचि रखता है।

इंफोसिस के संस्थापक नारायण मूर्ति ने की पीएम मोदी की तारीफ
ईटी नाउ से बात करते हुए नारायण मूर्ति ने कहा कि पिछले 5 साल का कार्यकाल देखें तो मुझे लगता है कि देश में एक ऐसे नेता हैं जिनका फोकस अनुशासन, स्वच्छता और आर्थिक प्रगति पर केंद्रित है, जो कि एक अच्छी बात है। सरकार की निरंतरता देश के लिए अच्छी बात होगी। मूर्ति ने मोदी सरकार के दौरान इकोनॉमी के लिए किए गए रिफॉर्म्स की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि GST से देश की इकोनॉमी को तेजी मिली है। केंद्रीय स्तर पर भ्रष्टाचार में कमी लाने के लिए भी उन्होंने मोदी सरकार की सराहना की। हालांकि जब उनसे राफेल डील को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने इस पर टिप्पणी करने से इंकार कर दिया।

पीएम मोदी को दोबारा प्रधानमंत्री बनाने का किया समर्थन
इंफोसिस के संस्थापक नारायण मूर्ति ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी एक मजबूत आर्थिक प्रगति वाली सरकार का नेतृत्व कर रहे हैं। जीएसटी या इन्सॉल्वेंसी बैंकरप्सी कोड लागू करने के तरीकों पर मूर्ति ने कहा कि कुछ मामलों में कुछ खामियां नजर आई हैं, लेकिन हर चीज के लिए प्रधानमंत्री को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता, ये नौकरशाही का काम है। ये पीएम मोदी का काम नहीं है कि वो हर गांव में जाएं और इसे साफ रखें। ये समस्या भारतीय मानसिकता के साथ है, हम उदासीन और गैर-अनुशासित हैं। हमें आर्थिक परिवर्तन पाने से पहले सांस्कृतिक परिवर्तन की तत्काल आवश्यकता है।

आरबीआई और सरकार के बीच विवाद पर क्या बोले मूर्ति
केंद्र सरकार और आरबीआई के बीच चल रहे मतभेद पर नारायण मूर्ति ने उम्मीद जताई कि दोनों पक्ष कुछ समझौते के साथ इस पर आगे बढ़ेंगे। हमें वो सबकुछ सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है जिससे सभी संस्थान मजबूत हों। उन्होंने कहा कि आरबीआई बनाम सरकार की प्राथमिकताओं में विवाद कई देशों में देखने को मिला है, इसमें कुछ भी नया नहीं है। मुझे लगता है कि दोनों पक्ष किसी तरह के समाधान के लिए आगे आएंगे।












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