स्विस बैंक में भारतीयों ने जमा किए 20,700 करोड़ रुपए, पिछले 13 साल में सबसे बड़ी रकम
नई दिल्ली, 18 जून। काला धन और विदेश में जमा पैसा लंबे समय से राजनीतिक मुद्दा बना हुआ है। 2014 में लोकसभा चुनाव के दौरान यह मुद्दा सबसे ज्यादा चर्चा में रहा। तमाम चुनावी दावे किए गए हैं कि स्विस बैंक में जमा काला धन वापस भारत लाया जाएगा। लेकिन काले धन को वापस लाना तो दूर बल्कि इसमे अब रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पिछले 13 साल में स्विस बैंक में जमा पैसा रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया है। रिपोर्ट के अनुसार स्विस बैंक में जमा भारतीयों का पैसा 20,700 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है जोकि पिछले 13 साल की तुलना में सबसे अधिक है। वर्ष 2019 में स्विस फ्रांस में तकरीबन 6625 करोड़ रुपए जमा थे लेकिन अब यह तकरीबन तीन गुना तक पहुंच गया है। 2006 में स्विस बैंक में भारतीयों का पैसा सबसे ज्यादा जमा था। हालांकि इसके बाद से लगातार जमा पैसों में कमी देखने को मिली थी। वर्ष 2011, 2013 और 2017 में स्विस खातों में भारतीयों का पैसा बढ़ा था जबकि बाकी के सालों में इसमे गिरावट देखने को मिली थी। लेकिन अब इसमे जबरदस्त बढ़ोतरी सामने आई है।
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2020 तक जमा राशि पहुंची 20700 करोड़ रुपए
स्विस नेशनल बैंक के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2020 के अंत तक भारतीय अकाउंट धारकों का कुल 20700 करोड़ रुपए जमा है, जिसमे से 4000 करोड़ कस्टमर डिपॉजिट है, वहीं 3100 करोड़ रुपए दूसरे बैंक के जरिए ट्रांसफर किए गए हैं, 16.5 करोड़ रुपए ट्रस्ट आदि द्वारा जमा किए गए हैं। 13500 करोड़ रुपए बॉन्ड, सिक्योरिटीज आदि के रूप में जमा हैं। भारतीय कस्टमर द्वारा अन्य राशि के रूप में जो पैसा जमा किया गया है उसमे छह गुना की बढ़ोतरी देखने को मिली है। हालांकि ये आंकड़े बैंक की ओर से ग्राहकों की राशि के बारे में जारी किए गए हैं, लेकिन इस बात को लेकर स्थति अभी स्पष्ट नहीं है कि इसमे काला धन कितना है।

किसका पैसा, स्पष्ट नहीं
भारत में तमाम राजनीतिक दल और संगठन दावा करते हैं कि स्विस बैंक में जमा पैसा काला धन है।बैंक की ओर से जो आंकड़े साझा किए गए हैं उसमे यह भी स्पष्ट नहीं है कि यह पैसा भारतीयों का है या फिर एनआरआई भारतीयों का। स्विस नेशनल बैंक के अनुसार भारतीय ग्राहकों द्वारा जो पैसा स्विस बैंक में जमा किया गया है उसमे व्यक्तिगत ग्राहकों के अलावा, कंपनी और बैंक का भी पैसा है। भारत में स्थिति स्विस बैंक में जमा पैसे भी इस आंकड़े का हिस्सा हैं।

स्विस बैंक में जमा पैसा काला धन नहीं
स्विस प्रशासन का हमेशा से यह कहना रहा है कि भारतीयों का जो पैसा स्विट्जरलैंड में जमा है उसे काला धन नहीं कहा जा सकता है, साथ ही हम भारत के काला धन के खिलाफ लड़ाई में सक्रिय सहयोग देने के लिए तैयार हैं,अगर किसी भी तरह की कर चोरी करके पैसा जमा किया गया है तो उसमे भी हम भारत का सहयोग करने के लिए तैयार हैं। वर्ष 2018 में भारत और स्विट्जरैंड के बीच करार हुआ है कि दोनों एक दूसरे के टैक्स चोरी से जुड़ी जानकारी को साझा करेंगे। वर्ष 2018 में पहली बार स्विस प्रशासन की ओर से पहली बार इस तरह की जानकारी साझा की गई थी।

किस देश का सबसे अधिक पैसा है जमा
स्विस बैंक में कई देशों के लोगों का पैसा जमा है। वर्ष 2020 में 2 ट्रिलियन स्विस फ्रैंक की बढ़ोतरी हुई, स्विस बैंक में कुल 600 बिलियन स्विस फ्रैंक विदेशी ग्राहकों का है। इस लिस्ट में यूके शीर्ष पर है, जिसके अकेले 377 स्विस फ्रैंक जमा है, दूसरे स्थान पर अमेरिका है जिसके 152 बिलियन स्विस फ्रैंक जमा हैं। 100 बिलियन फ्रैंक से अधिक की राशि सिर्फ अमेरिका और ब्रिटेन की ही है। शीर्ष 10 देशों में वेस्ट इंडीज, फ्रांस, हॉन्गकॉन्ग, जर्मनी, सिंगापुर, लग्जमबर्क, बहामास भी शामिल हैं। वहीं भारत इस लिस्ट में 51 वें स्थान पर है। भारत न्यूजीलैंड, नॉर्वे, स्वीडन, डेनमार्क, हंग्री, मॉरीशस, पाकिस्तान, बांग्लादेश,श्रीलंका से आगे है।












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