Get Updates
Get notified of breaking news, exclusive insights, and must-see stories!

Stock Market शुरू होते ही गिरा धड़ाम, सेंसेक्स में 1,100 अंकों की गिरावट, जानिए दलाल स्ट्रीट पर उदासी की वजह

Stock Market: भारतीय शेयर बाजार में कारोबार के शुरुआती घंटों में भारी गिरावट देखी गई है। जिसमें सेंसेक्स 1,100 से ज्यादा अंक गिरकर 78,602.96 पर आ गया और निफ्टी-50 भी 400 अंकों की गिरावट के साथ 23,946.55 पर पहुंच गया। इस गिरावट का मुख्य कारण विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों की भारी निकासी और वैश्विक व घरेलू आर्थिक अनिश्चितताओं का बढ़ता प्रभाव है।

FPI की रिकॉर्ड निकासी, आय अनुमानों में गिरावट का असर

अक्टूबर माह में रिकॉर्ड 1,13,858 करोड़ रुपए की निकासी के साथ एफपीआई ने बाजार पर गंभीर दबाव बना दिया है। निवेशकों में आय में कमी की चिंताओं के कारण बड़ी बिकवाली हुई है। जिससे हाल के उच्च स्तरों से बेंचमार्क सूचकांक लगभग 8% गिर चुके हैं। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के मुख्य निवेश रणनीतिकार डॉ. वीके विजयकुमार का मानना है कि FY25 में निफ्टी की EPS वृद्धि 10% से भी नीचे जा सकती है। जिससे मौजूदा मूल्यांकन को बनाए रखना कठिन हो सकता है। उन्होंने संकेत दिया कि इस स्थिति में एफपीआई बिकवाली जारी रख सकते हैं। जिससे बाजार में तेजी सीमित हो सकती है।

stock market

मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भारी गिरावट

मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में विशेष रूप से भारी गिरावट दर्ज की गई है। प्रमुख निफ्टी कंपनियों, जैसे बीपीसीएल, इंडसइंड बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, और कोल इंडिया के Q2 परिणामों ने FY25 के प्रति शेयर आय में कमी के संकेत दिए हैं। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के अनुसार दूसरी तिमाही के दौरान 34 निफ्टी कंपनियों की बिक्री में मामूली 5% वृद्धि के बावजूद EBITDA वृद्धि केवल 1% रही। जिससे कॉर्पोरेट लाभ में स्थिरता देखी गई।

वैश्विक अस्थिरता और तेल की बढ़ती कीमतों का दबाव

अमेरिका में आगामी राष्ट्रपति चुनाव, तेल की कीमतों में 2% की वृद्धि और रुपए का डॉलर के मुकाबले 84.1 के रिकॉर्ड निम्नतम स्तर पर पहुंचना भी बाजार पर नकारात्मक असर डाल रहे हैं। इसके अलावा कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों से भारत के आयात खर्च में वृद्धि और मुद्रास्फीति का दबाव बढ़ सकता है।

भारत के शेयर बाजार के लिए चुनौतीपूर्ण स्थिति

एमके ग्लोबल के अनुसार आने वाले दिनों में भारत के शेयर बाजार के लिए चुनौतीपूर्ण स्थिति बनी रहेगी। वैश्विक मुद्रास्फीति और आर्थिक अस्थिरता के इस दौर में भारतीय निवेश रणनीति को भी अनुकूल बनाना आवश्यक है। डॉ. विजयकुमार का सुझाव है कि इस कठिन दौर में निवेशकों के लिए उचित मूल्य वाले लार्जकैप शेयरों में निवेशित रहना एक सुरक्षित विकल्प हो सकता है।

इस सबके बावजूद दीर्घकालिक निवेशक अभी भी भारत के प्रमुख संरचनात्मक आर्थिक रुझानों पर ध्यान केंद्रित किए हुए हैं। जो देश के लिए सतर्क लेकिन सकारात्मक भविष्य की ओर इशारा करते हैं।

More From
Prev
Next
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+