Indian Railways:कोविड के खिलाफ जंग में रेलवे की क्या है तैयारी, रेल मंत्री पीयूष गोयल ने बताया

नई दिल्ली, 18 अप्रैल: कोविड के खिलाफ जंग में भारतीय रेलवे ने भी अपने साले संसाधन उतार देने की बात कही है। रेलवे के कई आइसोलेशन कोच ने काम करना शुरू भी कर दिया है। गौरतलब है कि कोरोना की पहली लहर में रेलवे ने हजारों कोच को कोविड कोच में बदल दिया था, देशभर के स्टेशनों पर उसे खड़ा कर दिया था, जहां कोविड पॉजिटिव मरीजों को आइसोलेट किया जा सके। कोरोना की दूसरी लहर पिछले से काफी भयावह है, अस्पतालों में बेड कम पड़ रहे हैं। ऐसी स्थिति में रेलवे के ये कदम काफी कारगर साबित हो सकते हैं। इसके अलावा भी रेलवे ने इस राष्ट्रीय तबाही से बचाव के लिए कई सारी कोशिशें की हैं।

कोरोना से लड़ने के लिए रेलवे ने झोंके सारे संसाधन- पीयूष गोयल

कोरोना से लड़ने के लिए रेलवे ने झोंके सारे संसाधन- पीयूष गोयल

रेल मंत्री पीयूष गोयल ने ट्वीट करके बताया है कि 'कोविड-19 से लड़ने के लिए रेलवे अपने सारे संसाधनों को उपलब्ध करवा रहा है। महाराष्ट्र के नंदूरबार में आइसोलेशन कोच ने काम करना शुरू कर दिया है, जहां कोविड मरीजों की भर्ती की जा रही है।' बता दें कि महाराष्ट्र शुरू से कोविड से सबसे ज्यादा प्रभावित राज्य रहा है और इस समय तो वहां की हालत पूरी तरह से बेकाबू हो चुके हैं। अस्पतालों में बेड कम पड़ रहे हैं, मेडिकर ऑक्सीजन की किल्लत हो रही है। आईसीयू खाली नहीं हैं, वेंटिलेटर का वक्त पर उपलब्ध हो पाना मुश्किल हो गया है। ऐसे में रेलवे ने जिस तरह से मदद का हाथ बढ़ाया है, उससे कोरोना के खिलाफ जंग में बहुत बड़ी ताकत मिल सकती है।

4,002 कोच कोविड केयर कोच में तब्दील

4,002 कोच कोविड केयर कोच में तब्दील

इस समय भारतीय रेलवे ने अपने 4,002 कोच को कोविड केयर कोच में बदल दिया है। ये सभी कोच रेलवे के 16 जोन में उपलब्ध हैं और राज्य सरकारों से मांग के आधार पर उपलब्ध करवाए जाने के लिए तैयार हैं। उधर रेलवे लोगों से बार-बार कोविड अनुकूल व्यवहार अपनाने की अपील भी कर रहा है। इसके तहत हमेशा मास्क लगाने, साबुन से बार-बार हाथ धोने, अपना समय आने पर वैक्सीन लगवाने और 6 फीट की दूरी बनाए रखना शामिल है। यही नहीं भारतीय रेलवे ने रेल परिसरों और ट्रेनों में मास्क लगाना अनिवार्य कर दिया है और इसका उल्लंघन करते हुए पकड़े जाने पर 500 रुपये तक का जुर्माना लगाने का प्रावधान बना दिया है।

क्रायोजेनिक टैंकर्स में तरल मेडिकल ऑक्सीजन ढोने की मंजूरी

क्रायोजेनिक टैंकर्स में तरल मेडिकल ऑक्सीजन ढोने की मंजूरी

इस बीच रेल मंत्रालय ने महाराष्ट्र सरकार की गुजारिश पर क्रायोजेनिक टैंकर्स में तरल मेडिकल ऑक्सीजन ले जाने की एक नीति बनाई है। ये क्रायोजेनिक टैंकर्स राज्य के विभिन्न स्थानों पर रॉल ऑन-रॉल ऑफ (रो-रो) सर्विस के जरिए पहुंचाए जाएंगे। रेल मंत्रालय को महाराष्ट्र के पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट के प्रिंसिपल सेक्रेटरी की ओर से इस संबंध में एक सर्कुलर मिला है, जिसमें क्रायोजेनिक टैंकर्स में मेडिकल ऑक्सीजन पहुंचाने की मांग कई गई है। सर्कुलर में कहा गया है, 'मामले की जांच कर ली गई है। सक्षम अधिकारी ने क्रायोजेनिक कंटेनरों में तरल मेडिकल ऑक्सीजन ढोने की मंजूरी दे दी है।' पिछले हफ्ते की शुरुआत में राज्य के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा था कि प्रदेश में मेडिकल ऑक्सीजन की कमी है और इसकी उपलब्धता बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का सहयोग मांगा है।

एक दिन में 2,61,500 नए मरीज

एक दिन में 2,61,500 नए मरीज

गौरतलब है कि देश में कोरोना से हालत दिनों-दिन बद से बदतर होती जा रही है। केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक आज सुबह पिछले 24 घंटे में देश में कोरोना के 2,61,500 नए मरीज सामने आए हैं, जबकि 1,501 लोगों की इससे मौत हो गई है। वहीं महाराष्ट्र में इसी अवधि में 67,123 नए मरीज सामने आए हैं और वहां इस दौरान 419 लोगों की मौत हो गई है।

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