Indian Railways: एसी का टिकट और जनरल से भी बदतर हालात, बिहार इंटरसिटी के कोच की बदहाली देख भड़के लोग
Indian Railways: भारतीय रेलवे की यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के दावों के बीच बिहार से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने रेल यात्रियों की चिंता बढ़ा दी है। इंटरसिटी एक्सप्रेस (15713) में सफर कर रहे एक यात्री का कड़वा अनुभव इन दिनों सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
यात्री का दावा है कि उसने एसी कोच (AC Coach) में आरामदायक सफर के लिए करीब 550 रुपये और अतिरिक्त टैक्स का भुगतान किया था, लेकिन कोच के अंदर का नजारा किसी जनरल डिब्बे जैसा था। एसी बोगी में खचाखच भरी भीड़, चारों तरफ फैली गंदगी और रेलवे स्टाफ की अनुपस्थिति ने सफर को एक बुरे सपने में बदल दिया। जैसे ही यात्री ने अपनी शिकायत और कोच की तस्वीरें इंटरनेट पर शेयर कीं, लोगों ने रेलवे प्रबंधन और सुरक्षा व्यवस्था पर तीखे सवाल खड़े कर दिए हैं।

AC कोच बना जनरल डिब्बा, खचाखच भीड़ और अव्यवस्था
यात्री ने अपने अनुभव को साझा करते हुए बताया कि इंटरसिटी एक्सप्रेस (Intercity Express 15713) के एसी कोच में बड़ी संख्या में बिना टिकट और अनधिकृत यात्री घुस आए थे। साझा की गई तस्वीरों में देखा जा सकता है कि बोगी के गलियारे से लेकर सीटों के पास तक खड़े होने की जगह नहीं थी। यात्री का कहना है कि भारी रकम चुकाने के बावजूद अपनी ही आवंटित सीट तक पहुँचना और वहाँ सुकून से बैठना नामुमकिन हो गया था। कोच में मौजूद इस भारी भीड़ ने एसी (Air Conditioning) के असर को भी लगभग खत्म कर दिया था।
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टॉयलेट्स में गंदगी और स्टाफ की 'लापता' होने के आरोप
यात्रा के दौरान न केवल भीड़ ने परेशान किया, बल्कि साफ-सफाई के दावों की भी पोल खुल गई। यात्री ने आरोप लगाया कि ट्रेन के टॉयलेट्स बेहद खराब स्थिति में थे और इस्तेमाल करने लायक नहीं थे। सबसे बड़ी हैरानी की बात यह रही कि पूरी यात्रा के दौरान यात्री को न तो कोई टीटीई (TTE) नजर आया और न ही रेलवे का कोई अन्य स्टाफ, जिससे इस भीड़ और गंदगी की शिकायत की जा सके। मदद के लिए किसी जिम्मेदार व्यक्ति का न होना यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
सोशल मीडिया पर लोगों का फूटा गुस्सा
पोस्ट के वायरल होते ही इंटरनेट यूजर्स ने भारतीय रेलवे को निशाने पर लेना शुरू कर दिया है। बहस में शामिल लोगों का कहना है कि बिहार के रेल रूटों पर आरक्षित डिब्बों (Reserved Coaches) में बिना टिकट यात्रियों का घुसना अब एक आम समस्या बन चुकी है।
नियमों की मांग: कई यूजर्स ने मांग की है कि जब तक अनधिकृत प्रवेश पर भारी जुर्माना और सख्त कार्रवाई नहीं होगी, तब तक स्थिति नहीं सुधरेगी।
पुराने अनुभव: कई अन्य यात्रियों ने भी अपने पुराने अनुभव साझा करते हुए बताया कि अब ट्रेनों में सुरक्षा और आराम की गारंटी पहले जैसी नहीं रही।
यात्री सुरक्षा और रेलवे की जिम्मेदारी
इस घटना ने एक बार फिर ट्रेनों में तैनात सुरक्षा कर्मियों और चेकिंग स्टाफ की सतर्कता पर सवालिया निशान लगा दिया है। यात्रियों का कहना है कि जब लोग प्रीमियम किराया देते हैं, तो उन्हें उम्मीद होती है कि रेलवे उन्हें एक सुरक्षित और साफ वातावरण प्रदान करेगा। इस मामले में टीटीई और स्टाफ की कथित अनुपस्थिति ने अनधिकृत यात्रियों को कोच में कब्जा करने का मौका दिया, जिससे वैध टिकट धारकों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी।
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