Railways:धुंध और कोहरे के दौरान अब 75 kmph तक की स्पीड से चल सकेगी ट्रेन, इस वजह से हुआ फैसला
भारतीय रेलवे ने कोहरे और धुंध के समय ट्रेनों की अधिकतम स्पीड बढ़ाकर 75 किलोमीटर प्रति घंटे करने का फैसला किया है। इससे ट्रेनों के समय पर संचालन में मदद मिलेगी और ट्रेनें देर से नहीं चलेंगी।


कोहरे के मौसम में अधिकतम 75 किलोमीटर हुई ट्रेनों की स्पीड
भारतीय रेलवे ने कोहरे का मौसम शुरू होने से पहले ट्रेनों की स्पीड को लेकर एक बड़ा फैसला किया है। धुंध और कोहरे की वजह से ट्रेनें ज्यादा लेट ना हों, इसलिए रेलवे ने अब उन परिस्थितियों में ट्रेन चलाने की अधिकतम रफ्तार को 60 किलोमीटर प्रति घंटे से बढ़ाकर 75 किलोमीटर प्रति घंटा कर दिया है। रेलवे की ओर से मंगलवार को ही यह घोषणा की गई है। रेलवे के मुताबिक वह इसलिए ऐसा कर पा रहा है, क्योंकि कोहरे से प्रभावित होने वाले इलाकों में जो भी लोकोमोटिव चल रहे हैं, उन्हें फॉग डिवाइस से लैस किया जा सकेगा, जिसे लोको पायलट इस्तेमाल कर पाएंगे।

फॉग डिवाइस की वजह से हुआ मुमकिन
भारतीय रेलवे के मुताबिक, 'यह तय किया गया है कि लोकोमोटिव में फॉग डिवाइस इस्तेमाल होने से कोहरा/खराब मौसम की स्थिति में अधिकतम संभावित स्पीड 60 किलोमीटर प्रति घंटे से बढ़ाकर 75 किलोमीटर प्रति घंटे की जा सकती है।' इसके साथ ही रेलवे ने सभी रेल जोन से अनुरोध किया है कि डेटोनेटर की पर्याप्त सप्लाई बरकरार रखें, जो कि रेल पर लगाए जाते हैं ताकि उसपर से इंजन के गुजरने से उसकी आवाज से ड्राइवर को अलर्ट किया जा सके। इसके साथ ही ट्रैक के साथ लाइम मार्किंग भी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।

कोहरे के समय ट्रेन लेट होने की समस्या कम होगी
दरअसल, कोहरे की स्थिति में जब विजिबिलिटी कम हो जाती है तो इंजन ड्राइवरों को यह फैसला लेना होता है कि वह कितनी स्पीड में ट्रेन चलाए, जिसपर वह किसी भी विशेष स्थिति में कंट्रोल करके उसे रोक सके। अब नए दिशा-निर्देशों के मुताबिक यह अधिकतम स्पीड 75 किलो मीटर प्रति घंटे तय की गई है। इससे ज्यादा तेज रफ्तार से किसी भी स्थिति में धुंध के समय ट्रेन नहीं चलेंगी। 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार बढ़ाने से धुंध और कोहरे की वजह से सर्दी के मौसम में जो ट्रेनें देर होने लगती हैं, उसे अब कुछ हद तक कम किया जा सकता है।

पिछली बोगी में एलईडी टेल लाइट को लेकर भी निर्देश
रेलवे की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि 'सभी सिग्नल बोर्ड, व्हिसल बोर्ड, फॉग सिग्नल पोस्ट और जोखिम वाले व्यस्त लेवल क्रॉसिंग गेट पर जो कि दुर्घटना संभावित हैं, उन्हें या तो पेंट किया जाना चाहिए या वहां पीली/काली चमकदार धारियां लगानी चाहिए। कोहरे के मौसम की शुरुआत से पहले उनकी सही विजिबिलिटी के लिए पेंटिंग करने का काम पूरा किया जाना चाहिए। लेवल क्रॉसिंग पर उठाए जाने वाले बैरियर जहां भी जरूरी हैं, वहां पीली/काली चमकदार धारियां उपलब्ध कराई जाएं।' इसके अलावा ट्रेनों की सबसे पिछली बोगियों में एलईडी वाले फ्लैशर टेल लाइट्स लगाना सुनिश्चित करने को कहा गया है, जो कोहरे के मौसम में सुरक्षा के दृष्टिकोण से बहुत ही महत्वपूर्ण हैं।

रेलवे लेवल क्रॉसिंग के लिए ड्राइवरों को विशेष निर्देश
यही नहीं रेलवे ने लोको पायलटों को यह भी निर्देश दिए हैं कि यदि ट्रेन किसी रेलवे लेवल क्रॉसिंग से गुजरने वाली है तो गेटकीपर और रोड का इस्तेमाल कर रहे बाकी लोगों को अलर्ट करने के लिए बार-बार व्हिसल बजाकर अलर्ट करें, ताकि लोग पहले से सावधान रहें कि यहां से ट्रेन गुजरने वाली है। गौरतलब है कि ठंड के मौसम में कोहरे की वजह से कई बार दुर्घटनाओं के मामले सामने आते रहे हैं। (इनपुट-पीटीआई)












Click it and Unblock the Notifications