Indian Railways:कल से ये लोग नहीं कर सकेंगे ट्रेन से यात्रा, तीसरी लहर के चलते यह जुर्माना भी बढ़ाया
नई दिल्ली, 9 जनवरी: ओमिक्रॉन वेरिएंट की वजह से देश में कोरोना की तीसरी लहर ने राज्यों के साथ-साथ भारतीय रेलवे को भी नियमों में सख्ती करने को मजबूर कर दिया है। भारतीय रेलवे के कई डिविजनों ने अब कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए कड़े उपाय अपनाने शुरू कर दिए हैं, जिसमें मास्क नहीं पहनने वालों पर लगने वाला जुर्माना भी बढ़ा दिया गया है। 10 जनवरी यानी सोमवार से कुछ ट्रेनों में वही यात्री सफर कर सकेंगे, जिनके पास कोविड का फाइल वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट (दोनों डोज) होगा। दक्षिण रेलवे ने यह नियम 31 जनवरी तक के लिए लागू कर दिया है।

सोमवार से कुछ यात्रियों के सफर पर रोक
देश में कोरोना के ओमिक्रॉन वेरिएंट के बढ़ते संक्रमण की वजह से राज्यों ने सख्तियां बढ़ानी शुरू कर दी हैं। इसी कड़ी में भारतीय रेलवे ने कुछ डिविजन में उन यात्रियों की ट्रेनों से सफर पर रोक लगा दी है, जिन्होंने कोविड की दोनों वैक्सीन नहीं लगवाई है। रेलवे का यह नया नियम दक्षिण रेलवे में 10 जनवरी यानी सोमवार से ही शुरू हो रहा है। इसके लिए चेन्नई डिविजन ने पूरा सर्कुलर निकाला है, जिसमें कोविड के मद्देनजर लंबी-चौड़ी गाइडलाइंस में दी गई है, जिसके पालन नहीं करने पर मोटे जुर्माने का भी प्रावधान लगाया गया है।

वैक्सीन की दोनों डोज का सर्टिफिकेट अनिवार्य
इस मामले में दक्षिणी रेलवे के चेन्नई डिविजन ने रविवार को एक प्रेस रिलीज जारी किया है। इसमें चेन्नई डिविजन में सीजन टिकट वाले यात्रियों के लिए कोविड वैक्सीनेशन की फुल डोज का सर्टिफिकेट होना अनिवार्य कर दिया है। यानी जिन यात्रियों ने कोरोना वैक्सीन की दोनों डोज नहीं लगवाई है, उन्हें ट्रेनों से यात्रा करने नहीं दिया जाएगा। रिलीज में कहा गया है कि तमिलनाडु सरकार ने कोविड की तीसरी लहर से लड़ने के लिए 10 जनवरी की सुबह 4 बजे से 31 जनवरी के रात 23 बजकर 59 मिनट तक (20 दिन) के लिए नई पाबंदियां लगाने का फैसला किया है।

सीजन टिकट में भी प्रिंट होगा वैक्सीन सर्टिफिकेट का नंबर
नई पाबंदियों के अनुसार सामान्य यात्रियों की तरह ही सीजन टिकट रखने वाले यात्रियों के पास भी फाइनल वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट होना अनिवार्य है। सोमवार से उपनगरीय इलाकों में सफर के लिए यह सर्टिफिकेट दिखाना होगा। इसके लिए अनारक्षित टिकट सिस्टम में सीजन टिकट निकालने से पहले कोविड वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट वाला 12 अंकों का नंबर डालना होगा। कोविड वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट के नंबर के अंतिम चार नंबर सीजन टिकट में भी प्रिंट होकर निकलेंगे। इसके अलावा रेलवे ने उपनगरीय ट्रेन सेवाओं को 50 फीसदी क्षमता के साथ चलाने का फैसला भी किया है, ताकि संक्रमण के जोखिम को कम किया जा सके।

कोविड प्रोटोकॉल के पालन पर जोर
दक्षिण रेलवे ने यात्रियों से यह भी स्पष्ट कर दिया है कि यात्रियों को केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय और तमिलनाडु सरकार की ओर से जारी कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करना होगा। यात्रियों से अनुरोध किया जाता है कि वे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें, मास्क पहनें और जब तक स्टेशनों पर रहें या ट्रेनों में हों, बार-बार हाथ धोते रहें।

मास्क नहीं लगाने पर 500 रुपये जुर्माना
यही नहीं, मास्क नहीं लगाने वाले यात्रियों पर रेल प्रशासन 500 रुपये का जुर्माना भी लगाएगा। यात्रा के दौरान ट्रेनों में या रेलवे स्टेशनों पर यात्रा दस्तावेजों की जांच करने वाले रेल कर्मचारियों के साथ सहयोग करने की भी यात्रियों से गुजारिश की गई है। कोविड के बढ़ते मामलों की वजह से यह नई गाइडलाइन इंडियन रेलवे ने 6 जनवरी को जारी की थी, जिसे रविवार को ट्विटर पर फिर से शेयर किया गया है।

वैध टिकट वाले यात्रियों को नाइट कर्फ्यू में मिली ये राहत
पहले कोविड के दौरान मास्क पहनने में ढिलाई बरतने वालों से 100 रुपये जुर्माना वसूला जाता था। लेकिन, रेलवे ने ओमिक्रॉन के बढ़ते मामलों को देखकर इसे 500 रुपये करने का फैसला किया है। उधर पश्चिम रेलवे के भावनगर मंडल ने रविवार को एक रिलीज जारी कर कहा है कि जिन रेल यात्रियों के पास वैध टिकट है, उन्हें गुजरात सरकार नाइट कर्फ्यू के दौरान रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक स्टेशन जाने की इजाजत दी है। लेकिन, रेल यात्रियों के लिए आवश्यक है कि वह कोविड अनुरूप व्यवहार का निश्चित रूप से पालन करते रहें।












Click it and Unblock the Notifications