Indian Railways: ट्रेनों में कंफर्म टिकट की गारंटी, जानें क्या है रेलवे का मेगा प्लान
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर इस बार भी छठ पूजा पर बिहार-यूपी जाने वाले यात्रियों की भीड़ देखकर लोग हैरान रह गए हैं। ट्रेनों की एक-एक बोगियों में तीन-तीन बोगियों के पैसेंजरों को देखकर हालात की गंभीरता समझी जा सकती है।
लेकिन, इसी दौरान एक बहुत ही अच्छी खबर आई है कि अब ऐसी परिस्थितियों से बचने के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना होगा। बहुत ही जल्द ऐसा वक्त आने वाला है, जब ट्रेनों में सफर करने के लिए कंफर्म टिकट गारंटी के साथ मिला करेगा।

बहुत बड़ी विस्तार योजना पर काम कर रहा है रेलवे-रिपोर्ट
एनडीटीवी की एक रिपोर्ट में रेलवे सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि भारतीय रेलवे अपने विस्तार के लिए एक बहुत बड़ी योजना पर काम कर रहा है। इसके तहत हर दिन नई ट्रेनें चलाने और रेलवे ट्रैक के विस्तार की बहुत ही महत्वाकांक्षी योजना शामिल है।

छठ पूजा पर दिखा है ट्रेन यात्रियों की भयावह भीड़
रेलवे सूत्रों की ओर से यह जानकारी ऐसे समय में बाहर आई है, जब छठ पूजा पर बिहार-यूपी जाने वाले यात्रियों से खचाखच भरी ट्रेनों और प्लटेफॉर्म ने लोगों के रोंगटे खड़े कर दिए हैं। जानकारी के मुताबिक बिहार जाने वाली एक ट्रेन में तो छठ पूजा की वजह से इतनी भीड़ थी कि ट्रेन में चढ़ने की कोशिश में 40 साल के एक शख्स की मौत हो गई।

हर साल 4,000 से 5,000 किमी ट्रैक बिछाने की योजना
रेलवे की ओर से जो जानाकारी सामने आई है, उसके मुताबिक इस समस्या से हमेशा के लिए छुटकारा पाने के लिए हर साल 4,000 से 5,000 किलोमीटर ट्रैक बिछाया जाएगा।

3,000 नई ट्रेनें चलाने की योजना
यही नहीं, इस समय देश में रोजाना 10,748 ट्रेनें चलती हैं और लक्ष्य ये है कि इसे बढ़ाकर हर दिन 13,000 ट्रेनें चलाई जाएं। सूत्रों का कहना है कि इसके लिए अगले 3 से 4 साल में ट्रैक पर 3,000 नई ट्रेनें चलाने की योजना है।

2027 तक हर यात्री को कंफर्म टिकट मिलने की गारंटी!
इस तरह से योजना है कि साल 2027 तक हर रेल यात्रियों को पक्के तौर पर कंफर्म टिकट मिलना शुरू हो जाए। इसके लिए रोजाना नई ट्रेनें चलाने की योजना है, ताकि इस लक्ष्य को समय पर प्राप्त किया जा सके।
सालाना 1,000 करोड़ यात्रियों को सेवा देने का लक्ष्य
भारतीय रेलवे की ट्रेनों से अभी हर साल करीब 800 करोड़ यात्री सफर करते हैं। रेलवे का लक्ष्य यह है कि वह अपनी इस क्षमता को बढ़ाकर 1,000 करोड़ यात्रियों तक ले जाना है।

ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने की भी तैयारी
इसके साथ ही रेलवे यात्रा में लगने वाले समय को भी कम करने की योजना पर काम कर रहा है। इसके लिए ज्यादा ट्रैक बिछाने और ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने की भी तैयारी है। इसके लिए ट्रेनों के ऐक्सेलरेशन और डिसेलरैशन की क्षमता को बढ़ाया जाना है।
रेलवे की एक रिसर्च के मुताबिक अगर ऐक्सेलरेशन और डिसेलरैशन में बढ़ोतरी हो गई तो दिल्ली से कोलकाता तक की ट्रेन से यात्रा में लगने वाले समय में 2 घंटे और 20 मिनट की कमी हो जाएगी। ऐक्सेलरेशन और डिसेलरैशन में पुश एंड पुल तकनीक से मदद मिलने की संभावना है।

इस समय देश में हर साल करीब 225 ट्रेनें बनाई जा रही हैं, जिनमें पुश एंड पुल टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल हो रहा है। यही वजह है कि सामान्य ट्रेनों के मुकाबले वंदे भारत ट्रेनों की स्पीड बेहतर है, जिनकी ऐक्सेलरेशन और डिसेलरैशन की क्षमता पहले के मुकाबले चार गुना ज्यादा है।












Click it and Unblock the Notifications