Indian Railways: बजट से पहले ही रेलवे की कमाई में बंपर उछाल, जानें कहां से बढ़ी आमदनी ?
बजट 2023 से पहले ही भारतीय रेलवे के राजस्व में जबर्दस्त उछाल दर्ज किया गया है। यह कमाई यात्री भाड़े और माल ढुलाई दोनों से बढ़ी है। कुछ हफ्तों में बजट लक्ष्य से भी ज्यादा राजस्व प्राप्त करने का अनुमान है।

रेलवे का बजट एक फरवरी को पेश होगा। लेकिन, लगता है कि कमाई के मामले में रेलवे पहले ही अपने सारे रिकॉर्ड तोड़ने जा रहा है। अभी तक उसकी चालू वित्त वर्ष में जो कमाई हुई है, उसमें 28% का उछाल है। यानि कि एक-तिहाई। संभावना है कि बजट पेश होने तक इसमें और बढ़ोतरी दर्ज हो सकती है। इस दौरान यात्री किराए से हुई कमाई ने भी रिकॉर्ड तोड़े हैं तो माल भाड़े में तो बंपर जंप देखा जा रहा है। कोयला और लौह अयस्क की ढुलाई काफी तेज हुई है। गौरतलब है कि रेलवे पर महामारी के दौरान यात्री किराए में दी जाने वाली रियायतों को फिर से लागू करने की मांग होती रही है, लेकिन यह अभी तक हो नहीं पाया है।
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बजट से पहले रेलवे की कमाई में 28% की उछाल
देश की सबसे बड़ी पब्लिक ट्रांसपोर्टर भारतीय रेलवे की कमाई में जबर्दस्त उछाल हुआ है। चालू वित्त वर्ष में 18 जनवरी तक यानि गुरुवार तक इसने 1.9 लाख करोड़ का राजस्व जुटा लिया है। इस राजस्व में पैसेंजर किराया और माल भाड़ा सब शामिल है। एक साल पहले इसी अवधि में रेलवे ने 1.3 लाख करोड़ रुपए से भी थोड़ा कम ही राजस्व जुटाया था। इस तरह से रेलवे की कमाई में अभी तक ही 28% की बढ़ोतरी हो चुकी है। संभावना है कि अगले कुछ हफ्तों में ही रेलवे अपने बजट के लक्ष्य को भी पार करने जा रहा है।

माल ढुलाई में हुई जबर्दस्त बढ़ोतरी
देश के सरकारी ट्रांसपोर्टर के राजस्व में हुई इस बढ़ोतरी की वजह चालू वित्त वर्ष में जमकर हुई कोयले, सीमेंट और केमिकल की ढुलाई रही है। आलम ये है कि रेलवे से माल ढुलाई की मांग इतनी बढ़ गई थी कि इसे हर महीने लगभग 2,000 अतिरिक्त वैगन जोड़ने पड़े ताकि, गूड्स ट्रेनों की मूवमेंट लगातार बनी रहे। गौरतलब है कि बीच में बिजली कंपनियों के पास कोयले की जबर्दस्त किल्लत भी हुई थी और शायद उसमें जहां रेलवे ने समय पर कोयला पहुंचाकर आम लोगों की परेशानी बचाई, वहीं सरकारी खजाना को भरने में मदद की।

यात्री किराए से भी बढ़ी कमाई
चालू वित्त वर्ष यानि 2022-23 में रेलवे के बजट में राजस्व का लक्ष्य 2. 3 करोड़ रखा गया था, जिसका 81% टारगेट जुटा लिया गया है। आने वाले कुछ हफ्तों में यह टारगेट पूरा हो जाने की उम्मीद है। हालांकि, जब 1 फरवरी को अगले वित्त वर्ष के लिए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट पेश करेंगी तो संशोधित अनुमानों में इस लक्ष्य को बढ़ाया जा सकता है। यात्री राजस्व में भी रेलवे को जो फायदा हुआ है, वह काफी चौंकाने वाला है। महामारी से भी पहले यानि वित्त वर्ष 2018-19 में भारतीय रेलवे ने यात्री किराए से 51,000 करोड़ रुपए जुटाए थे। लेकिन, आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार इस साल 18 जनवरी तक के ही अनुमान में यह 52,000 करोड़ रुपए रहने की संभावना है। यह कमाई रिकॉर्ड स्तर पर है।

माल भाड़े में 15. 6% बढ़ोतरी
वहीं माल भाड़े से इस साल 18 जनवरी तक रेलवे को 1.3 लाख करोड़ रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ है, जो इसी अवधि में पिछले साल के मुकाबले 15. 6% अधिक है। देश के सबसे बड़े ट्रांसपोर्टर की वित्तीय सेहत के लिए यह एक शुभ संकेत है कि माल भाड़े से उसका राजस्व काफी बढ़ने लगा है। जबकि, देश में सड़कों के नेटवर्क में भी अप्रत्याशित इजाफा हुआ है और अब देश में वर्ल्ड क्लास हाइवे और एक्सप्रेसवे का निर्माण हुआ है और लगातार हो रहा है।

माल ढुलाई में इजाफे के उदाहरण
माल ढुलाई में रेलवे की प्रगति को इन उदाहरणों के माध्यम से समझ सकते हैं। जैसे कि अभी पूरे देश में 530 रेक कोयले की लोडिंग होती है। जबकि, एक साल पहले इसी अवधि में सिर्फ 465 रेक की लोडिंग होती थी। वहीं लौह अयस्क के मामले में यह लोडिंग 108 रेक से बढ़कर 117 रेक हो चुकी है। और जैसे-जैसे यह माल ढुलाई बढ़ती जा रही है, रेलवे का खजाना भी बढ़ता जा रहा है।












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