5 साल, 5 कदम और बदल जाएगी इंडियन नेवी की तस्वीर
एझिमाला। दुनिया की कुछ सर्वश्रेष्ठ नौसेनाओं का हिस्सा भारतीय नौसेना अगले पांच वर्षों में एक नए अंदाज में नजर आएगी। एक ऐसा अंदाज जिससे दुश्मन भी थर्र-थर्र कांपेगा। केरल के एझिमाला स्थित इंडियन नेवल एकेडमी (आईएनए) इंडियन नेवी को बेस्ट नेवी बनाने के लिए काम कर रही है। पढ़िए कैसे अगले पांच वर्षो में इंडियन नेवी दुनिया की बेस्ट नेवी होगी।

आईएनए इंडियन नेवी का वह प्राथमिक संस्थान है जो कैडेट्स को ट्रेनिंग दे उन्हें सर्वश्रेष्ठ नौसैनिक बनाता है और नेवी की जरूरतों को पूरा करता है। यह संस्थान उत्तर केरल के मालाबार क्षेत्र में स्थित है ।आईएनए इंडियन नेवी को अमेरिकी नौसेना की तर्ज पर मजबूत बनाने के लिए दिन-रात काम कर रहा है।
चुनौतियों से निपटने को रेडी इंडियन नेवी
आईएएन अगले पांच वर्षो में नेवी के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर और उसकी बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार है। आईएनए के कमांडेंट वाइस एडमिरल अजित कुमार पी ने वन इंडिया के साथ एक खास बातचीत में बताया कि फिलहाल नेवी का मुख्य लक्ष्य ऑफिसरों को इस लायक बनाना है कि वह अगली पीढ़ी की चुनौतियों का सामना डटकर कर सकें।

वाइस एडमिरल अजित कुमार ने कहा, 'भविष्य में समंदर से आने वाली चुनौतियों को देखते हुए हम अपने सभी ऑफिसरों को इस लायक बनाना चाहते हैं कि वह मानसिक, शारीरिक, तकनीकी और सभी जरूरी उपकरणों से लैस हों। आईएनए में हम इस बात की पूरी कोशिश कर रहे हैं कि इन्हें उन सर्वश्रेष्ठ साधनों को अपनाकर शिक्षा दी जाए जो इन्हें सर्वश्रेष्ठ बनाए।' वाइस एडमिरल अजित कुमार पिछले 33 वर्षों से इंडियन नेवी का हिस्सा हैं।
स्मार्ट क्लासरूम में तैयार हो रहे नौसैनिक
वाइस एडमिरल अजित कुमार ने बताया कि आईएनए में जल्द ही स्मार्ट क्लास रूम होंगी और कैडेट्स को नई तकनीकी के बारे में पूरी शिक्षा दी जाएगी। वाइस एडमिरल की मानें तो आईएएन को इस स्तर का बना दिया जाएगा कि वह आईआईटी और आईएनए के स्तर पर नजर आए।
अव्छे अफसरों की कमी होगी दूर
यह बात भी सही है कि इंडियन नेवी अच्छे ऑफिसरों की कमी से जूझ रही है। लेकिन अब इंडियन नेवी ने यह तय कर लिया है कि जल्द ही देश की नौसेना को सर्वश्रेष्ठ ऑफिसरों से लैस किया जाएगा और इसकी जिम्मेदारी आईएनए को सौंपी गई है।
आईएनए को देश में मौजूद सबसे अच्छे लोगों को तलाश कर उन्हें सर्वश्रेष्ठ अफसरों में तब्दील करना होगा। देश में इस समय अलग-अलग शिपयार्ड में 40 से ज्यादा शिप्स का निर्माण जारी है। ऐसे में नेवी चाहती है कि आईएनए को भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार किया जाए।
वाइस एडमिरल अजित कुमार इस पर कहते हैं कि यह काफी जरूरी है कि हम बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए अपने इंडक्शन प्रोग्रामों में भी इजाफा करें। जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्हें लगता है कि नई पीढ़ी के कैडेट्स की ट्र्रेनिंग में कोई चुनौती उन्हें नजर आती है, इस पर उनका जवाब था कि आज के कैडेट्स निश्चित तौर पर टेक्नोलॉजी के करीब हैं।
अगर हमें लगता है कि उनके बर्ताव के तरीकों में कुछ अजीब है तो फिर आईएनए पूरी तरह से एसएसबी के पैरामीटर्स को अपनाती है।
फॉरेन कैडेट्स को मिलेगी ट्रेनिंग
आर्इएनए पहले ही आईआईटी, आईआईएससी और दूसरे अग्रणी शिक्षा संस्थानों के साथ एक एमओयू के तहत जुड़ी गई है। वाइस एडमिरल अजित कुमार की मानें तो आईएनए देश में मौजूद सर्वश्रेष्ठ लोगों को सबसे अच्छा प्रशिक्षण मुहैया कराने को प्रतिबद्ध है।
आईएनए ने इसके लिए ट्रेनिंग के उच्च स्तर मानक तय कर लिए हैं और इस पर आगे बढ़ रहा है। वाइस एडमिरल अजित कुमार के मुताबिक आईएनए जल्द ही एक बेस्ट इंस्टीट्यूट होगा।
न सिर्फ देश के कैडेट्स को बेस्ट ट्रेनिंग देने को आईएनए तत्पर है बल्कि इंडियन नेवी के नेतृत्व और ट्रेनिंग कौशल को दुनिया की बाक सर्वश्रेष्ठ नौसेनाओं से मुकाबला करने के लिए तैयार किया जा रहा है।
इस मकसद को पूरा करने के लिए आईएनए मित्र देशों से आने वाले ट्रेनिंग कैडेट्स के लिए भी दरवाजे खोलने जा रहे ही है। वाइस एडमिरल अजित कुमार ने वन इंडिया के सामने इस बात की पुष्टि की कि वर्ष 2015 में विदेशी कैडेट्स का पहला बैच आईएनए का हिस्सा होगा।
आईएनए के स्प्रिंग 2015 कोर्स से पहले ही मॉरीशस के चार, श्रीलंका के दो और मालद्वीप के एक कैडेट को यहां पर ट्रेनिंग दी जा रही है।
यूएस नेवी एकेडमी के स्तर पर आएगा INA
इसके अलावा जल्द ही ट्रेनिंग शिप्स आईएनए का हिस्सा होंगी। आईएनए की योजना है कि वह चार ट्रेनिंग शिप्स को अपने कमांड में ले। इन शिप्स को एट्टीकुलम खाड़ी में रखा जाएगा।
इन शिप्स का प्रयोग कैडेट्स को ऑन बोर्ड ट्रेनिंग देने के लिए किया जाएगा। इन शिप्स के आईएनए का हिस्सा बनने के साथ ही आईएनए यूएस नेवल एकेडमी के स्तर पर आ जाएगा।












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