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Indian Navy day 2020: 71 की जंग के बाद हुई नौसेना दिवस मनाने की शुरुआत

मुंबई। भारतीय सेना और वायुसेना की तुलना में शायद आप भारतीय नौसेना (इंडियन नेवी) के बारे में कम बातें करते हैं। चार दिसंबर को इंडियन नेवी अपना 49वां नेवी डे या नौसेना दिवस मना रही है। नेवी डे का इतिहास अगर आप टटोलेंगे तो आपको सन् 1971 में भारत और पाकिस्‍तान के बीच हुई तीसरी जंग का जिक्र मिलेगा। इस जंग ने अगर भारत को दुनिया के नक्‍शे पर नई पहचान दी तो वहीं दुनिया को दिखा दिया कि इंडियन नेवी कितनी ताकतवर है और वह क्‍या कर सकती है। आजादी के बाद हुए इस तीसरे युद्ध में इंडियन नेवी ने मोर्चा संभाला और दुश्‍मन को मुंहतोड़ जवाब दिया था।

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    4 दिसंबर को नेवी ने संभाला मोर्चा

    तीन दिसंबर 1971 को भारत और पाक के बीच जंग का ऐलान हुआ। चार दिसंबर को इंडियन नेवी ने अपना मोर्चा संभाल लिया। इंडियन नेवी ने ऑपरेशन ट्राइडेंट की शुरुआत की। नेवी ने पाकिस्‍तान स्थित कराची के बंदरगाह पर बम बरसाने शुरू किए। चार और पांच दिसंबर तक इंडियन नेवी ने पाक को मुंहतोड़ जवाब दिया। उस युद्ध के बाद हर वर्ष इंडियन नेवी के योगदान को सराहने और देशवासियों को नेवी की अहमियत बताने के लिए ही नेवी डे की शुरुआत की गई। ऑपरेशन ट्राइडेंट ही वह पल था जब इंडियन नेवी ने पहली बार एंटी-शिप मिसाइलों को कराची के नेवल हेडक्‍वार्टर पर बम बरसाने शुरू किए। ऑपरेशन ट्राइडेंट में इंडियन नेवी के विद्युत क्‍लास की मिसाइल नाव आईएनएस निपट, आईएनएस निरघट और आईएनएस वीर शामिल थे। इंडियन नेवी ने दो एंटी-सबमरीन और एक टैंकर के साथ यह ऑपरेशन शुरू किया था। पांच पाकिस्‍तानी नाविकों और 700 नागरिक घायल हो गए थे।ऑपरेशन ट्राइडेंट को इंडियन नेवी के सबसे सफल ऑपरेशन में से एक माना जाता है। इंडियन नेवी की ताकत 58,000 सैनिकों से भी ज्‍यादा की है।

    डूब गई थी पाक की पनडुब्‍बी गाजी

    नौसेना ने 71 की जंग में दुनिया को अपनी उस ताकत से रूबरू करवाया था, जिसके बारे में कोई नहीं जानता था। इस जंग में ऑपरेशन ट्राइडेंट के अलावा ऑपरेशन पायथन को भी लॉन्‍च किया गया। यह वही जंग थी जिसमें पाकिस्‍तान की पनडुब्‍बी पीएनएस गाजी को भी डुबा दिया गया था। हैरानी की बात है कि पीएनएस गाजी को, नौसेना के एतिहासिक एयरक्राफ्ट कैरियर आईएनएस विक्रांत को खत्‍म करने के मकसद से भेजा गया था। लेकिन भारतीय नौसैनिकों के आगे इसने अपने घुटने टेक दिए। इंडियन नेवी की पनडुब्‍बी आईएनएस राजपूत को गाजी के खिलाफ तैनात किया गया था। आईएनएस राजपूत ने 71 की जंग की शुरुआत से पहले ही अरब सागर में गाजी की कब्र बना दी थी। पाक आज भी यह नहीं मानता कि गाजी, भारतीय नौसेना की सूझबूझ की वजह से अपने अंजाम का शिकार हुआ था। वह आज तक यही कहता है कि गाजी पनडुब्‍बी, एक ब्‍लास्‍ट की वजह से डूब गई थी।

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