पेरिस हमले के हमलावरों को जानता था भारत में बैठा ISIS का शख्स
बीते साल नवंबर में हुए पेरिस हमले के हमलावरों को भारत का यह आतंकी जानता था।
नई दिल्ली। कथित तौर पर भारत में इस्लामिक स्टेट (ISIS) के ऑपरेटिव सुब्हानी मोईदीन ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को बताया है कि वो बीते साल नवंबर में हुए पेरिस हमले के हमलावरों का जानता था।

बता दें कि सुब्हानी बुधवार ( 5 अक्टूबर ) को सुरक्षा एजेंसियों की गिरफ्त में आया था।
गौरतलब है कि गिरफ्त में आने के बाद उसने पूछताछ में कहा था कि वो केरल के कुछ न्यायधीशों, विदेशी सैलनियों पर हमला करने वाला था।
इस तरह भरा कट्टरपंथ
अधिकारियों के अनुसार तमिलनाडु के तिरूनेलवेली से गिरफ्तार हुए सुब्हानी में सोशल मीडिया के जरिए कट्टरपंथ का जहर भरा गया जिसके बाद उसकी भर्ती हुई।
बताया गया कि 'उमरा' करने के बहाने से वो बीते साल 2015 में चेन्नई से तुर्की स्थित इंस्ताबुल गया था। वहां पहुंचने के बाद वो पाक और अफगान के कुछ लोगों के साथ मिला और फिर इराक के उस हिस्से में गया जहां ISIS का कब्जा था।
सूत्रों के मुताबिक इसके बाद वो अब्दुलहमीद अबाउद और सालह अब्दुस्सलाम से मिला जो पेरिस हमले में शामिल थे।
एक हमलावर मारा गया, दूसरा गिरफ्त में
बता दें कि पेरिस हमले के दौरान थिएटर पर हुए हमले में अबाउद जवाबी फायरिंग में मारा गया था लेकिन अब्दुस्सलाम पुलिस की गिरफ्त में है।
सूत्रों ने जानकारी दी कि सुब्हानी नवंबर में ही भारत वापस आ गया और उसे मीडिया से पेरिस हमले की जानकारी हुई। NIA ने फ्रांस के सुरक्षा अधिकारियों को इस बारे में सूचना दी गई है और फ्रांस दूतावास से संपर्क भी किया है।
उन्होंने कहा कि सुरक्षा अधिकारी कोर्ट से आदेश पाने के बाद सुब्हानी से सवाल जवाब भी कर सकते हैं।
सुब्हानी इंटरनेट पर अपने ISIS के आकाओं से भारत में हमले करने के तरीके पर बात करता था। एक वरिष्ठ अधिकारी ने जानकारी दी कि सुब्हानी ISIS से संबंधित पूरी दुनिया में होने वाली घटनाओं और खबरों पर नजर रखता था।
ISIS के लिए 6 महीने किया काम
31 साल के सुब्हानी ने 2015 में अप्रैल से सितंबर के बीच ISIS के लिए काम किया लेकिन वो जल्दी ही वहां से लौट आया। ISIS के कैंप में रहते हुए एक हमले में उसके दो साथी मारे गए और वह भी बुरी तरह घायल हो गया।
इस घटना के बाद वो वहां से आने के प्रयास करने लगा।
सुब्हानी ने जब वहां से आने का प्रयास किया तो उसे आईएसआईएस ने कैद कर लिया। कुछ महीने की कैद के बाद उसको रिहा कर दिया गया, ऐसा उसकी घायल अवस्था को देखते हुए किया गया।
सुब्हानी ने बताया था कि इराक से वह सीमा पार कर तुर्की और फिर वहां से मुंबई पहुंचा। इसके बाद वो केरल पहुंचा और वहां एक दुकान पर नौकरी करने लगा।












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