चीन में भारतीय नोटों के छपने की खबर को भारत सरकार ने सिरे से खारिज किया

वित्‍त मंत्रालय ने उन मीडिया रिपोर्ट्स को सिरे से खारिज कर दिया है जिसमें दावा किया गया है कि भारत समेत कुछ और देशों की मुद्रा को चीन में प्रिंट किया जा रहा है।

नई दिल्‍ली। वित्‍त मंत्रालय ने उन मीडिया रिपोर्ट्स को सिरे से खारिज कर दिया है जिसमें दावा किया गया है कि भारत समेत कुछ और देशों की मुद्रा को चीन में प्रिंट किया जा रहा है। हांगकाग से जारी होने वाले अखबार साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्‍ट में आई एक रिपोर्ट में कहा गया था कि चीन को भारत समेत कई देशों के लिए करेंसी प्रिंट करने का ऑर्डर हासिल हुआ है जिसमें नेपाल, श्रीलंका, बांग्‍लादेश, मलेशिया और ब्राजील शामिल हैं। स रिपोर्ट पर कांग्रेस नेता शशि थरूर ने ट्वीट किया था। उन्होंने विदेश में नोट छापे जाने को लेकर कहा है कि इससे पाकिस्तान को जाली नोट आसानी से मिल जाएगी, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा हो सकता है।

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क्‍या कहा था चीनी मीडिया ने

चाइना बैंकनोट प्रिंटिंग एंड मिनटिंग कॉरपोरेशन के चेयरमैन ल्‍यू गुईशेंग ने मई में चाइना फाइनेंस में लिखा था कि कॉरपोरेशन को नेपाल की ओर से साल 2015 में करेंसी प्रिंट करने का पहला अंतरराष्‍ट्रीय व्‍यावसायिक ऑर्डर मिला था। चाइना फाइनेंस चीन के सेंट्रल बैंक की ओर से जारी होने वाला जर्नल है जो हर दो माह में पब्लिश होता है। इसके बार साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्‍ट ने ल्‍यू के हवाले से आर्टिकल लिखा था। इस आर्टिकल में कहा गया था, 'कंपनी ने बेल्‍ट एंड रोड इनीशिएटिव के जरिए सफलतापूर्वक करेंसी प्रोडक्‍शन प्रोजेक्‍ट्स का कॉन्‍ट्रैक्‍ट कई देशों, थाइलैंड, बांग्‍लादेश, श्रीलंका, मलेशिया, भारत, ब्राजील और पोलैंड शामिल हैं, से हासिल किया है। '

भारत सरकार ने क्‍या दिया जवाब

वित्‍त मंत्रालय में सचिव सुभाष चंद्रा गर्ग ने इस रिपोर्ट को पूरी तरह से आधारहीन करार दिया है। उन्‍होंने कहा है, 'चीन के करेंसी प्रिंटिंग कॉरपोरेशन को भारत की मुद्रा प्रिंट करने से जुड़ी रिपोर्ट पूरी तरह से गलत है।' उन्‍होंने आगे कहा कि भारतीय मुद्रा को पूरी तरह से भारतीय सरकार और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के प्रेस में ही प्रिंट किया जा रहा है। चीनी मीडिया के मुताबिक नेपाल ने चीन को 100, 1000 और पांच रुपए को प्रिंट करने का ऑर्डर दिया था। चीनी मीडिया के मुताबिक चाइना बैंकनोट प्रिंटिंग एंड मिनटिंग कॉरपोरेशन जो कुछ माह पहले बुरे दौर से गुजर रही थी, वह अब पूरी क्षमता के साथ नोटों को प्रिंट करने में लगी है। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्‍ट को कॉरपोरेशन की ओर से इस बात की पुष्टि की गई है कि इस बार सरकार ने उसके लिए जो लक्ष्‍य तय किया है, वह अब उसे पूरा करने की दिशा में बढ़ रही है। ये भी पढ़ें-तो भारत के नोट हैंं मेड इन चाइना, जानिए क्‍या कहता है चीन की मीडिया?

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