ISIS के चंगुल से छूटे डॉक्टर राममूर्ति ने PM को कहा-शुक्रिया, जानिए दर्द भरी कहानी
आतंकी संगठन से छुटने के बाद राममूर्ति ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, एनएसए और अन्य अधिकारियों का शुक्रिया अदा किया है और कहा इसे मैं कभी नहीं भूल सकता हूं।
नई दिल्ली। लीबिया में आतंकवाद के खौफनाक चेहरे आईएसआईएस के चंगुल से भारतीय डॉ.के.राममूर्ति बाहर निकल आए हैं। आतंकी संगठन से छुटने के बाद राममूर्ति ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, एनएसए और अन्य अधिकारियों का शुक्रिया अदा किया है और कहा इसे मैं कभी नहीं भूल सकता हूं।

जबरन ऑपरेशन थियेटर में ले जाते थे
डॉ. ने जो आपबीती सुनाई है, उसे सुनकर आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे, डॉ ने एएनआई से कहा कि आतंकी उन्हें जबरन ऑपरेशन थियेटर में ले जाते थे और उनसे ऑपरेशन करने को कहते थे लेकिन उन्होंने ना तो कभी सर्जरी की और ना ही कभी किसी को किसी को टांके लगाए। उन्होंने बताया कि आईएसआईएस के आतंकियों ने मुझे 3 बार गोली मारी। मुझे काफी भला-बुरा भी कहा। जितने भी युवा आतंकी हैं वे सभी काफी पढ़े-लिखे हैं और भारत के बारे में अच्छी तरह से जानते हैं।
वो बेहद ही डरावने वीडियो थे
डॉ ने बताया कि उन्हें आतंकी सिरते की सेंट्रल जेल में ले गए थे, जहां दो भारतीय और बंद थे, उन्हें वो जबरदस्ती वीडियो दिखाते थे, जो कि सीरिया, नाईजीरिया जैसे देशों का था, जहां आईएसआईएस ने उत्पात मचा रखा है, वो बेहद ही डरावने वीडियो थे। वे सोचते थे कि मैं एक डॉक्टर हूं और एक न एक दिन उनके काम आ जाऊंगा। इसलिए उन्होंने मुझे जिंदा रखा। शायद इसलिए मैं बच भी गया।
18 महीने पहले इस्लामिक स्टेट के आतंकवादियों ने अगवा किया था
मालूम हो कि डॉ राममूर्ति कोसानाम को करीब 18 महीने पहले लीबिया में इस्लामिक स्टेट के आतंकवादियों ने अगवा कर लिया था। वह आंध्र प्रदेश में कृष्णा जिले के एक गांव के रहने वाले हैं।












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