इंडियन आर्मी के नए चीफ जनरल बिपिन रावत ने दी पाकिस्‍तान को चेतावनी

इंडियन आर्मी के नए चीफ जनरल बिपिन रावत ने कहा सीमा पर शांति और स्थिरता बरकरार रखेगी इंडियन आर्मी। लेकिन जरूरत पड़ने पर जोर आजमाइश से भी पीछे नहीं हटेगी।

नई दिल्‍ली। शनिवार को इंडियन आर्मी के 27वें चीफ के तौर पर अपना पदभार संभालने वाले जनरल बिपिन रावत ने पाकिस्‍तान को चेतावनी दी है। रविवार को जनरल रावत ने अमर जवान ज्‍योति पर जाकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इस मौके पर वह मीडिया से मुखातिब हुए। यहीं पर उन्‍होंने पाकिस्‍तान का नाम लिए बिना उसे चेतावनी दी।

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जनरल रावत के साथ बना एक इतिहास

जनरल रावत ने रविवार को कहा है कि इंडियन आर्मी बॉर्डर पर शांति और स्थिरता कायम रखेगी लेकिन अगर जरूरत पड़ी तो दुश्‍मन के खिलाफ 'ताकत की जोर आजमाइश' करने से भी पीछे नहीं हटेगी।उन्होंने कहा कि आर्मी की सारी यूनिट्स एक हैं और सभी यूनिट्स को एक अकेली यूनिट के तौर पर ही देखा जाए। दूसरी ओर ईस्‍टर्न कमांड के चीफ लेफ्टिनेंट जनरल प्रवीण बख्‍शी ने इस्‍तीफों की अटकलों पर लगाम लगाते हुए साफ कर दिया है कि वह नए आर्मी चीफ के साथ सहयोग की भावना से काम करते रहेंगे। जनरल रावत गोरखा रेजीमेंट से आने वाले तीसरे ऐसे ऑफिसर हैं जिन्‍हें सेना प्रमुख बनाया गया है। जनरल दलबीर सिंह सुहाग और फील्‍ड मार्शल मानकेशॉ भी गोरखा रेजीमेंट से थे। इसके अलावा वर्ष 1957 के बाद यह पहला मौका है जब किसी एक ही रेजीमेंट के किसी ऑफिसर ने आर्मी चीफ की कमान अपनी ही रेजीमेंट के दूसरे ऑफिसर को सौंपी हो। वर्ष 1957 में जनरत एसएम श्रीगणेश ने केएस थिमैय्या को सेना प्रमुख की कमान सौंपी थी। दोनों ही कुमायूं रेजीमेंट से आते थे। पढ़ें-तो पीएम मोदी ने इसलिए चुना रावत को आर्मी चीफ

सर्जिकल स्‍ट्राइक के मास्‍टर जनरल रावत

लेफ्टिनेंट जनरल रावत को जिन्‍हें सर्जिकल स्‍ट्राइक्‍स का मास्‍टर माना जाता है। पिछले वर्ष मणिपुर के चंदेल में एनएससीएन-के संगठन के नागा आतंकियों ने घात लगाकर इंडियन आर्मी के काफिले पर हमला किया था। इस हमले में 18 सैनिक शहीद हो गए थे। इसके बाद इंडियन आर्मी ने सीमा पार म्‍यांमार में सर्जिकल स्‍ट्राइक को अंजाम दिया और आतंकियों को मार गिराया। इस सर्जिकल स्‍ट्राइक की जिम्‍मेदारी दिमापुर स्थित 3 कॉर्प्‍स कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल बिपिन रावत पर थी।इस वर्ष 18 सितंबर को जब उरी आतंकी हमला हुआ तो रावत वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्‍टाफ थे।सिर्फ तीन हफ्ते ही हुए थे जब उन्‍हें यह पद दिया गया था। इसके बाद पीओके में एक सर्जिकल स्‍ट्राइक हुई और इस बार रावत फिर से एक सर्जिकल स्‍ट्राइक को अंजाम देने वाली टीम का अहम हिस्‍सा थे।

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