सेना की ताकत में होगी बढ़ोतरी, भारत डायनेमिक्स के साथ Konkurs–M मिसाइल का समझौता
नई दिल्ली, 3 फरवरी: भारत का चीन और पाकिस्तान के साथ लंबे वक्त से विवाद चल रहा है। बीते दो-तीन सालों से अंतरराष्ट्रीय सीमा, एलओसी और एलएसी पर तनाव की स्थिति बढ़ती जा रही है। जिस वजह से भारत की तीनों सेनाएं खुद को मजबूत करने में जुटी हैं। इस दिशा में मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट काफी अहम भूमिका निभा रहा। इसी के तहत भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (बीडीएल) ने बुधवार को भारतीय सेना के लिए कोंकर्स-एम (Konkurs-M) एंटी टैंक मिसाइलों के निर्माण और आपूर्ति के लिए 3131.82 करोड़ रुपये के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए।

सैन्य अधिकारियों के मुताबिक इस मिसाइल को लेकर सारी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई हैं। इसे भारतीय सेना में शामिल होने में करीब तीन साल का वक्त लग जाएगा। बीडीएल की ऑर्डर बुक पोजीशन 11,400 करोड़ रुपये है, जिसमें कोंकर्स-एम अनुबंध भी शामिल है। वहीं कंपनी के अध्यक्ष कमोडोर सिद्धार्थ मिश्रा (रिटायर) ने कहा कि उनकी कंपनी सेना के लिए हाईटेक मिसाइल का निर्माण कर रही है। इसमें कंपनी ने एक रूसी OEM (Original Equipment Manufacturer) के साथ समझौता किया है। आने वाले दिनों में अगर भारत का कोई खास दोस्त इस मिसाइल को खरीदना चाहेगा, तो उसे भी कंपनी ये मिसाइल उपलब्ध करवाएगी।
ये है खासियत
रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक कोंकर्स-एम दूसरी पीढ़ी की मैकेनाइज्ड इंफैंट्री एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल है। ये किसी भी टैंक या बख्तरबंद गाड़ी को आसानी से तबाह कर सकती है। खास बात तो ये है कि इसे बीएमपी टैंक या जमीन से किसी लांचर द्वारा लॉन्च किया जा सकता है। ये मिसाइल 75 मीटर से 4000 मीटर के बीच के किसी भी टैंक को तबाह करने की क्षमता रखती है।
रक्षा बजट भी बढ़ा
आपको बता दें कि चीन और पाकिस्तान के साथ विवाद को देखते हुए मोदी सरकार ने रक्षा बजट को 10 फीसदी बढ़ाया है। मंगलवार को वित्त मंत्री ने वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए बजट पेश किया, जिसमें रक्षा क्षेत्र के लिए 5.25 लाख करोड़ आवंटित किए गए हैं, जबकि 11,981 करोड़ रिसर्च एंड डेवलपमेंट को मिले हैं।












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