चीन को जवाब, सेना ने लद्दाख में तैनात किए काउंटर टेरेरिज्म डिविजन के 15 हजार जवान
भारतीय सेना ने लद्दाख में तैनात की काउंटर टेरेरिज्म डिविजन यूनिट
नई दिल्ली, 24 जुलाई: वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीन के तेवरों को देखते हुए भारत ने बड़ा कदम उठाया है। भारतीय सेना ने इस्टर्न लद्दाख में काउंटर टेरेरिज्म डिविजन की यू्निट तैनात की हैं। सेना ने जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिए तैयार अपनी इकाइयों को पूर्वी लद्दाख में तैनात किया है। चीन से निपटने के लिए कुछ महीने पहले इन यूनिट के 15,000 सैनिकों को लद्दाख सेक्टर में लाया गया है।

इस इलाके में चीन की हरकतों को देखते हुए ये तैनाती की गई है। चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी की ओर से उठाए गए किसी भी कदम का प्रभावी ढंग से मुकाबला करने के लिए ये यूनिट लेह स्थित 14 कोर मुख्यालय की सहायता करेंगी।
पिछले साल पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीन की आक्रामकता के बाद से ही भारत ने अपने सैनिकों की संख्या को बढ़ाया है। एक डिवीजन के बजाय, लद्दाख सेक्टर में अब अतिरिक्त बख्तरबंद और अन्य इकाइयों के साथ दो पूर्ण डिवीजन हैं। भारतीय सेना की 17 माउंटेन स्ट्राइक कोर को भी भारत-चीन सीमा पर अपने कार्यों को करने के लिए 10,000 अतिरिक्त सैनिक दिए गए हैं।
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चीन की ओर से लगातार हो रही हैं हरकतें
चीन वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर भारत के साथ मामलों को बातचीत के जरिए सुलझाने के दावे कर रहा है लेकिन सैन्य तैयारियों में भी लगातार कुछ ना कुछ कर रहा है। हाल ही में खबर आई थी कि चीन झिंजियांग प्रांत के शाक्चे टाउन में लड़ाकू विमानों के संचालन के लिए एक एयरबेस बना रहा है। ये इलाका पूर्वी लद्दाख क्षेत्र के करीब है। वहीं चीनी सेना के सीमा के आसपास निर्माण किए जाने की भी खबरें आती रही हैं।
बता दें कि भारत और चीन के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा पर लंबे समय से तनाव चल रहा है। बीते साल मई जून में तो काफी ज्यादा तनाव देखने को मिला था। बीते साल जून में गलवान घाटी में चीनी सैनिकों के साथ झड़प में 20 भारतीय सैनिकों की जान भी चली गई थी। एक साल से भी ज्यादा समय से दोनों देशों के बीत कई स्तरों पर बातचीत चल रही है।












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