एयरफोर्स ने कोरोना वैक्सीन लगाने से मना करने वाले कर्मी को किया बर्खास्त, 9 लोगों को भेजा नोटिस
अहमदाबाद, अगस्त 12: भारतीय वायुसेना से जुड़ा एक अजीब मामला सामने आया है। एयरफोर्स ने अपने एक कर्मचारी को इसलिए सेवा से बर्खास्त कर दिया क्योंकि उसने कोरोना की वैक्सीन लेने से मना कर दिया था। मामला अब कोर्ट में पहुंच गया है। इस मामले में केंद्र सरकार ने गुजरात उच्च न्यायालय कि बताया कि भारतीय वायुसेना ने कोरोना वायरस वैक्सीन लगवाने से मना करने वाले अपने एक कर्मी को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। टीका लगवाना सेवा की शर्तों में शामिल किया गया था।

अतिरिक्त सॉलीसिटर जनरल देवांग व्यास ने वायुसेना के कॉर्पोरल योगेंद्र कुमार की याचिका पर बुधवार को गुजरात हाईकोर्ट को अपने अभिवेदन में यह जानकारी दी। उन्होंने न्यायमूर्ति ए जे देसाई और न्यायमूर्ति ए पी ठाकेर की खंड पीठ को बताया कि पूरे भारत में नौ कर्मियों ने टीका लगवाने से मना किया है और उन सभी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। व्यास ने उच्च न्यायालय को बताया कि इनमें से एक ने नोटिस का जवाब नहीं दिया और उसे सेवा से निष्कासित कर दिया गया।
उन्होंने बर्खास्त किए गए कर्मी का नाम या अन्य कोई ब्योरा नहीं दिया। उन्होंने कहा कि आम लोगों के लिए जहां टीका विकल्प है लेकिन जहां तक बात वायु सेना की है तो इसे अब सेवा की एक शर्त बना दिया गया है जो सेवा में शामिल होने के वक्त ली गई शपथ के क्रम में है। उन्होंने हाईकोर्ट को बताया कि यह भी देखना जरूरी है कि बल को कमजोर स्थिति में नहीं रखा जाए और कर्मियों को अनिवार्य रूप से टीका लगवाना जरूरी है।
व्यास ने यह भी कहा कि चूंकि कॉरपोरल योगेंद्र कुमार ने कारण बताओ नोटिस का जवाब दिया है, वह सशस्त्र बल न्यायाधिकरण अधिनियम के प्रावधानों के तहत या तो उचित प्राधिकारी या सशस्त्र बल न्यायाधिकरण के समक्ष पेश हो सकते हैं। कोविड-19 का टीका लगाने की अनिच्छा के बाद जारी नोटिस को चुनौती देने वाली योगेंद्र कुमार की याचिका पर हाईकोर्ट ने बुधवार को भारतीय वायुसेना को निर्देश दिया कि वह उनके मामले पर नए सिरे से विचार करे।
अदालत ने टीकाकरण के लिए अनिच्छुक याचिकाकर्ता को अंतरिम राहत दी, उनके मामले पर वायु सेना द्वारा विचार किए जाने तक उसे सेवा में रहने देने का आदेश देकर उसकी याचिका का निपटान किया। से सेवा की तारीख से दो सप्ताह की अवधि के लिए लागू नहीं किया जाएगा। कुमार ने कोविड-19 के खिलाफ टीकाकरण से इनकार करने के बाद भारतीय वायुसेना द्वारा जारी 10 मई, 2021 को कारण बताओ नोटिस को रद्द करने की मांग करते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया था।
भारतीय वायु सेना ने उनसे कारण बताने के लिए कहा था कि उन्हें कोविड-19 वैक्सीन नहीं लेने के लिए क्यों न बर्खास्त किया जाए। उन्होंने अदालत से यह भी मांग की थी कि वह भारतीय वायुसेना को निर्देश दें कि वह कारण बताओ नोटिस को आगे बढ़ाने के लिए उसके खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई न करे। कुमार ने अदालत से भारतीय वायुसेना को केंद्र सरकार के आदेश का पालन करने का निर्देश देने का भी अनुरोध किया कि टीका विशुद्ध रूप से स्वैच्छिक है और अनिवार्य नहीं है।












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