Indian Air Force Global Ranking: ग्लोबल रैंकिंग में भारतीय वायुसेना ने रचा इतिहास, चीन-पाकिस्तान सब पीछे
Indian Air Force Global Ranking: चीन, जापान और पाकिस्तान सब पीछे: भारतीय वायुसेना (IAF) ने एक बार फिर अपनी ताकत का दुनिया में लोहा मनवाया है। ग्लोबल एयर पावर्स रैंकिंग 2026 में भारतीय वायुसेना ने लगातार छठा स्थान बरकरार रखा है और प्रभावशीलता के आधार पर दुनिया की तीसरी सबसे शक्तिशाली एयर फोर्स बनी हुई है। अमेरिका और रूस के बाद भारत का नाम सबसे मजबूत वायु सेनाओं में शामिल है।
खास बात यह है कि भारत ने इस रैंकिंग में चीन, जापान और पाकिस्तान जैसी बड़ी वायु सेनाओं को पीछे छोड़ दिया है। यह उपलब्धि भारतीय वायुसेना की बढ़ती क्षमता और आधुनिक सैन्य ताकत का बड़ा प्रमाण मानी जा रही है।

World's strongest air forces: चीन, जापान और पाकिस्तान से आगे निकला भारत
WDMMA की 2026 रैंकिंग में भारतीय वायुसेना को छठा स्थान मिला है। चीन की एयर फोर्स सातवें, जापान आठवें और पाकिस्तान की एयर फोर्स 18वें स्थान पर है। यानी एशिया की प्रमुख वायु सेनाओं में भारत सबसे मजबूत देशों में शामिल है। यह रैंकिंग सिर्फ विमानों की संख्या नहीं, बल्कि उनकी गुणवत्ता, तकनीक, ऑपरेशन क्षमता और युद्ध के लिए तैयार रहने की स्थिति को भी ध्यान में रखकर तैयार की जाती है। इससे भारत की बढ़ती सैन्य ताकत साफ दिखाई देती है।

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अमेरिका का दबदबा, टॉप-5 में उसकी चार सैन्य एयर यूनिट्स
इस साल की रैंकिंग में अमेरिका का दबदबा साफ नजर आया। पहले स्थान पर यूनाइटेड स्टेट्स एयर फोर्स, दूसरे पर यूनाइटेड स्टेट्स नेवी, चौथे पर यूनाइटेड स्टेट्स आर्मी और पांचवें स्थान पर यूनाइटेड स्टेट्स मरीन कॉर्प्स को जगह मिली है। तीसरे स्थान पर रूस की एयर फोर्स है। इसके बाद छठे नंबर पर भारतीय वायुसेना है। इससे साफ है कि भारत दुनिया की सबसे ताकतवर एयर फोर्सेज की श्रेणी में लगातार अपनी मजबूत मौजूदगी बनाए हुए है।
कैसे तय होती है WDMMA की रैंकिंग?
वर्ल्ड डायरेक्टरी ऑफ मॉडर्न मिलिट्री एयरक्राफ्ट (WDMMA) दुनिया के 103 देशों की 129 सैन्य एयर यूनिट्स और 48 हजार से ज्यादा विमानों का विश्लेषण करता है। रैंकिंग के लिए 'ट्रू-वैल्यू रेटिंग (TVR)' का इस्तेमाल किया जाता है। इसमें केवल विमानों की संख्या नहीं, बल्कि आधुनिक तकनीक, हथियार, रखरखाव, लॉजिस्टिक्स, हमला और रक्षा क्षमता जैसे कई पहलुओं का आकलन किया जाता है। इसलिए यह रैंकिंग किसी भी वायुसेना की वास्तविक ताकत को दर्शाती है।
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भारत ने लगातार बरकरार रखी अपनी मजबूत स्थिति
भारतीय वायुसेना पिछले साल भी कुल रैंकिंग में छठे स्थान पर थी और इस साल भी उसने अपनी स्थिति कायम रखी है। प्रभावशीलता के मामले में भी भारत अमेरिका और रूस के बाद तीसरे स्थान पर बना हुआ है। लगातार बेहतर प्रदर्शन यह दिखाता है कि भारतीय वायुसेना आधुनिक लड़ाकू विमानों, उन्नत तकनीक और मजबूत रणनीतिक क्षमता के साथ तेजी से आगे बढ़ रही है। आने वाले वर्षों में भारत की स्थिति और मजबूत होने की उम्मीद जताई जा रही है।
पाकिस्तान और बांग्लादेश की रैंकिंग क्या रही?
WDMMA की रिपोर्ट में पाकिस्तान एयर फोर्स को 18वां स्थान मिला है, जबकि बांग्लादेश एयर फोर्स 83वें नंबर पर है। वहीं चीनी नेवी एविएशन 15वें, भारतीय नौसेना एविएशन 27वें और भारतीय आर्मी एविएशन 36वें स्थान पर है। रिपोर्ट से साफ है कि भारतीय वायुसेना क्षेत्रीय प्रतिद्वंद्वियों पर बढ़त बनाए हुए है। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में स्वदेशी रक्षा परियोजनाओं और नए लड़ाकू विमानों के शामिल होने से भारत की हवाई ताकत और मजबूत होगी।












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