कोरोना पर WHO के जांच दल वाले फैसले का भारत ने किया स्वागत, कहा- सभी देश करें सहयोग
नई दिल्ली, 14 अक्टूबर: विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने कोरोना वायरस की उत्पत्ति से जुड़े रहस्यों को सुलझाने के लिए विशेषज्ञों के एक ग्रुप का गठन किया है, जो चीन और वायरस के कनेक्शन की गुत्थी सुलझाएगा। गुरुवार को भारत ने भी WHO के इस फैसले का स्वागत किया। साथ ही सभी देशों से इसकी जांच में सहयोग करने की अपील की।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि इस महामारी ने लाखों की जान ली है, ऐसे में ये पता लगाना जरूरी है कि वायरस की उत्पत्ति कब और कहां हुई। आगे उन्होंने चीन का नाम लिए बिना कहा कि मैंने अब तक जो कहा है, उसे फिर से दोहराना चाहिए। इस मुद्दे पर आगे के अध्ययन और डेटा में हमारी रुचि है। साथ ही सभी संबंधितों द्वारा समझने और सहयोग की आवश्यकता है। भारतीय पक्ष इस बात का ब्योरा जुटा रहा है कि डब्ल्यूएचओ के नए कदम से क्या होगा।
खास बात ये है कि ICMR के डॉ. रमन गंगाखेडकर भी WHO के जांच दल का हिस्सा है। जब कोरोना महामारी देश में फैली तो डॉ. रमन ने रोजाना प्रेस कॉन्फ्रेंस करके लोगों को जागरुक किया था। इसके अलावा वो लॉकडाउन में देश के सबसे चर्चित चेहरों में से एक थे।
जांच की बात से चीन बेचैन
वहीं चीन को WHO की ये जांच पसंद नहीं आ रही है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियन ने कहा कि इसे "विज्ञान की भावना" में आयोजित किया जाना चाहिए। साथ ही इस मामले में किसी भी देश को राजनीति नहीं करनी चाहिए। प्रवक्ता ने पिछले अध्ययन के परिणामों का सम्मान करने की बात कही, जिमसें चीन को बेगुनाह बताया गया था।












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