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हर साल बर्बाद होता है 44000 करोड़ का फल, सब्‍जी और अन्‍न

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India wastes food and grains worth 44000 crore rupees
नई दिल्‍ली। भारत में एक तरफ तो जनता को महंगाई का सामना करना पड़ रहा है वहीं दूसरी तरफ देश में 44,000 करोड़ रूपये का फल, सब्‍जी और अन्‍न बर्बाद हो जाता है। यह कहना है कि अमेरिका स्थित प्रौद्योगिकी फर्म एमरसन क्लाइमेट टेक्नोलॉजीज की एक रिपोर्ट का। रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत में सिर्फ 6,300 कोल्‍ड स्‍टोरेज सुविधाएं है, जिनकी क्षमता 3.011 करोड़ टन है, जबकि खाद्य पदार्थों को बर्बादी से बचाने के लिए कोल्‍ड स्‍टोरेज क्षमता 6.1 करोड़ टन होनी चाहिए।

गौर हो कि भारत फलों और सब्जियों का दूसरा सबसे बड़ा उत्‍पादक देश है। रिपोर्ट में बताया गया है कि इस बर्बादी से बचने के लिए भारत को 2015-16 तक 55,000 करोड़ रूपये के निवेश की जरूरत होगी। सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ पोस्ट हार्वेस्ट इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (सीआईपीएचईटी) के आंकड़ों के मुताब‍िक बर्बाद हुई 18 फीसदी फल और सब्जियों की कीमत 13,300 करोड़ रूपये है।

रिपोर्ट में बर्बादी का कारण भंडारण की समुचित क्षमता और शीत भंडारित परिवहन व्‍यवस्‍था का न होना बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार एक ऐसे देश में जहां की जनसंख्‍या 1.2 अरब है अत: वहां पर सरकार को खाद्य पदार्थों की बर्बादी को रोंकने के खास प्रयास करने चाहिए।

हालांकि इंडिया, मध्य पूर्व और अफ्रीका क्षेत्र के लिए एमरसन के प्रेसिडेंट प्रदीप्त सेन ने कहा कि इस दिशा में प्रयास किये जा रहे है।

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English summary
According to a report every year India wastes food and grains worth 44000 crore rupees.
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